बुलंदशहर में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेते वक्त क्या कहा था? अब उसके दोस्त ने बता दिया सबकुछ

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 14 साल की नाबालिग बच्ची के पिता से मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर को बुलंदशहर से हिरासत में लिया. अब स्वतंत्र के एक दोस्त का बयान सामने आया है, जो हिरासत में लिए जाने के वक्त उसके साथ मौजूद होने का दावा कर रहा है. दोस्त के मुताबिक स्वतंत्र 4 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे बुलंदशहर पहुंचा था और दोपहर करीब 2 बजे तक उसके साथ था. इसी दौरान दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंची और स्वतंत्र को अपने साथ ले गई. दोस्त ने बताया कि पुलिस टीम ने ज्यादा पूछताछ नहीं की और सीधे खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए स्वतंत्र को साथ चलने के लिए कहा. उसने बताया कि टीम ने सिर्फ इतना कहा कि वे दिल्ली क्राइम ब्रांच से हैं और स्वतंत्र को साथ चलना है.

दोस्त ने बताया सबकुछ

स्वतंत्र भारद्वाज के दोस्त के मुताबिक जब दिल्ली पुलिस की टीम वहां पहुंची तो उसने कहा कि वह क्राइम ब्रांच से हैं. दोस्त ने बताया कि ‘वो 2:00 बजे मेरे ही साथ में था. दिल्ली से क्राइम ब्रांच आई, साथ में लेकर चली गई.’ उसके दोस्त का कहना है कि पुलिस वालों ने स्वतंत्र से कोई खास बातचीत नहीं की और सीधे उसे अपने साथ ले गए. उसने बताया कि टीम ने सिर्फ इतना कहा कि वे दिल्ली क्राइम ब्रांच से हैं और स्वतंत्र को साथ चलना है.

सुबह ही बुलंदशहर पहुंचा था स्वतंत्र

दोस्त ने बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज लंबे समय से वहां नहीं था. उसके मुताबिक स्वतंत्र 4 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे बुलंदशहर आया था. बाद में वह उसके साथ मौजूद था और इसी दौरान पुलिस उसे हिरासत में लेकर चली गई. दोस्त ने यह भी बताया कि रात में स्वतंत्र ने उसे किसी दूसरे व्यक्ति के फोन से संपर्क किया था. हालांकि, उसे यह जानकारी नहीं थी कि स्वतंत्र अपना फोन कहां रखकर आया था.

23 जून को जंतर-मंतर पर हुई थी मारपीट

यह मामला 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है. शिकायतकर्ता अपनी 14 साल की बेटी के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. आरोप है कि मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करने को लेकर विवाद शुरू हुआ और इसी दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने नाबालिग के पिता के साथ मारपीट की. इस घटना के बाद मामले में कार्रवाई की मांग उठती रही. स्वतंत्र पर आरोप है कि उसने पीड़ित के सिर पर हमला किया था. इसी बीच एक पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुई, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर घटना को लेकर बेफिक्र अंदाज में बात करता दिखाई दिया.

पॉडकास्ट में कथित तौर पर कही थी ये बातें

वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज के कथित बयान को लेकर काफी चर्चा हुई. वह कथित तौर पर हंसते हुए कहता नजर आया, ‘जेल जाएंगे फिर आएंगे, फिर कुछ बोलेगा, फिर इलाज हो जाएगा.’ एक अन्य हिस्से में वह कथित तौर पर अपने प्रभाव का दावा करते हुए कहता है, ‘अगर मेरा बाल भी बांका कर दो तो मान जाए. नहीं हो सकता, सर, जलवा है हमारा.’ वायरल क्लिप में वह कथित तौर पर यह भी कहता है कि उसने सिर फाड़ा, लेकिन उसके खिलाफ कुछ नहीं हुआ और वह पूरी रात आराम से घूमता रहा. इन दावों की जांच पुलिस की कार्रवाई और मामले की जांच का हिस्सा है.

एफआईआर में जोड़ी गईं नई धाराएं

4 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और मामले में गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की. पुलिस ने 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था. इसके कुछ ही घंटे बाद स्वतंत्र को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई. वहीं, दिल्ली पुलिस ने नाबालिग के पिता की शिकायत पर दर्ज पुरानी एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी हैं. नाबालिग की ओर से ऑनलाइन धमकियों की शिकायत भी दी गई थी, जिसमें स्वतंत्र का नाम शामिल बताया गया. इसके आधार पर क्रिमिनल इंटिमिडेशन और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. अब पुलिस सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से दी गई धमकियों की जांच करेगी. इस कार्रवाई के बाद पीड़िता ने चंद्रशेखर आजाद, राहुल गांधी और सीजेपी को धन्यवाद दिया है.

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