रेलवे की जिस कॉलोनी में रेल एसपी, डीएसपी, आरपीएफ समेत दर्जनों अधिकारी व कर्मचारी रहते हैं, वहां बुधवार को दिनभर पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। लीची बगान रेलवे कॉलोनी में सुबह करीब नौ बजे से देर शाम तक पानी की आपूर्ति ठप रही।
नल सूखे रहे और घरों में पानी की जरूरत बढ़ती गई। आखिरकार कई रेलकर्मियों को ड्रम व अन्य बर्तनों में पानी खरीदकर नहाने, खाना बनाने व घरेलू काम निपटाने पड़े। छोटे बच्चों वाले परिवारों की परेशानी तो और बढ़ गई। पानी की किल्लत ने रेलकर्मियों को दिनभर हलकान रखा।
खास बात यह है कि कॉलोनी में रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी भी रहते हैं। इसके बाद भी समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो सका। लगातार कई घंटे पानी नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी दिखी।
जंक्शन पर एक दिन पहले भी दो घंटे सूखे रहे नल:
पानी का संकट कोई एक-दो दिनों से नहीं चल रहा। यह स्थिति पिछले एक महीने से बनी है। मंगलवार को जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से आठ तक नलों से एक साथ करीब दो घंटे पानी की आपूर्ति बंद रही थी।
इससे यात्रियों को भी पेयजल के लिए भटकना पड़ा और इस बीच रेल यात्रियों को खरीदकर पानी पीना पड़ा था। लगातार दूसरे दिन रेलवे परिसर व कॉलोनी में पानी संकट सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।











