ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन मामले में एनआईए ने 10 राज्यों में छापे मारे

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद के जरिए भारत में इस्लामिक स्टेट स्थापित करने के उद्देश्य से ऑनलाइन आतंकी कट्टरपंथ के मामले में बुधवार को 10 राज्यों में राष्ट्रव्यापी तलाशी ली। यह भारतीय उपमहाद्वीप में आईएसआईएस और अल-कायदा की विचारधारा (एक्यूआईएस) आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देकर किया जा रहा था।

एनआईए की टीमों ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में 20 स्थानों पर छापेमारी की।

बुधवार की तलाशी के बाद कई डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया, जिनकी कट्टरपंथी साजिश के आगे के सुरागों के लिए फोरेंसिक रूप से जांच की जाएगी।

एनआईए ने इस साल मई में विजयवाड़ा पुलिस से अपने अधिकार में लिए इस मामले में अब तक ग्यारह आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।

विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) पुलिस ने मूल रूप से मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के आवास की तलाशी के बाद मार्च में मामला दर्ज किया था, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन एक्यूआईएस (भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा) और आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी।

आज तलाशी लिए गए स्थानों का चयन पहले जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्टिविटी विश्लेषण और अन्य जांच निष्कर्षों के आधार पर किया गया था।

देश को अस्थिर करने और ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए काम कर रही एनआईए ने पाया है कि गिरफ्तार आरोपी और उनके सहयोगी हिंसक जिहादी सामग्री और गलत सूचना के माध्यम से देश भर में कमजोर युवाओं को भड़काने में लगे हुए थे।

आरोपी जिहादी विचारधारा का प्रचार करने और भारत विरोधी साजिश को बढ़ावा देने के लिए अपने विदेशी आकाओं के साथ ऑनलाइन संपर्क में भी थे।

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