मंत्रिमंडल ने पाटलिपुत्र (पटना) और तिरहुत (मुजफ्फरपुर) सैटेलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र का विस्तार करने तथा पटना पाटलिपुत्र (पटना), हरिहरनाथपुर (सोनपुर) मगध (गया जी)और तिरहुत (मुजफ्फरपुर) के कोर क्षेत्र एवं इसके आसपास सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए जरूरत पड़ने पर भूमि खरीद और भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति दे दी है।
इससे मास्टर प्लान के अनुसार योजनाओं का काम तेज गति से आगे बढ़ सकेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बैठक में कुल 22 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन टाउनशिप में निजी निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित होंगी तथा स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
इसके साथ ही, इन परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए अहमदाबाद स्थित सीईपीटी विश्वविद्यालय के सलाहकार फाउंडेशन को तकनीकी सहायता इकाई के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृत किया है।
यह संस्था मास्टर प्लान, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, नीतिगत सहयोग, संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में सरकार की मदद करेगी।
मुजफ्फरपुर, मधुबनी और मुंगेर में केंद्रीय विद्यालय
राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश में तीन नए केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन देने के प्रस्ताव स्वीकृत किया है। इसके तहत मधुबनी के लखनौर, मुंगेर सदर और मुजफ्फरपुर के मुशहरी में नवीन केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना होगी।
इसके लिए उद्योग विभाग के आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार की 5-5 एकड़ जमीन केंद्रीय विद्यालय संगठन को 1-1 रुपए के टोकन मूल्य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर दी जाएगी।
बेरोजगार युवक-युवतियों को मिलते रहेंगे हजार रुपये
मंत्रिमंडल ने सात निश्चय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत बेरोजगार 20-25 आयु के युवक-युवतियों प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है।
यह योजना 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है। परंतु इसे आवश्यकता मानते हुए इसका विस्तार वर्ष 2030-31 तक के लिए करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।
एमटेक पढ़ाई के लिए 76 शिक्षकीय पद सृजित
मंत्रिमंडल ने 10 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय में एमटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को मजबूत करने के लिए 76 शिक्षकीय पद सृजित करने की मंजूरी दी है। इनमें 9 प्राध्यापक, 29 सह-प्राध्यापक और 38 सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं।
एम्स पटना के लिए और 26 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित
मंत्रिमंडल ने एम्स पटना में रोगियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सुपर स्पेशलिटी ब्लाक, चक्षु केंद्र सहित अन्य सुविधा के लिए भवनों के निर्माण व सुविधाएं विकसित करने के लिए मौजा भुसौला दानापुर में 26.76 एकड़ जमीन अधिग्रहण एवं जमीन पर होने वाले विकास के लिए 3.48 अरब रुपये स्वीकृत किए हैं।
बिहार में मत्स्य विकास के लिए नई सरकारी कंपनी बनेगी
मंत्रिमंडल ने मत्स्य और जलीय कृषि क्षेत्र के विकास के लिए नई सरकारी कंपनी बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएआइडीसीएल) के गठन को मंजूरी दी है।
यह कंपनी हैचरी, फिश फार्म, कोल्ड चेन, फिश मार्केट और अन्य जरूरी ढांचों का विकास, संचालन और प्रबंधन करेगी।
दूध मिलावट जांच मशीन लगेगी
मंत्रिमंडल ने काम्फेड के माध्यम से बल्क मिल्क कूलर, आधुनिक दुग्ध संग्रहण इकाई और दूध मिलावट जांच मशीन लगाने के लिए 28.44 करोड़ रुपये के राज्यांश को मंजूरी दी है। इससे दूध जल्दी ठंडा होगा, गुणवत्ता बनी रहेगी, मिलावट की जांच आसान होगी और किसानों को पारदर्शी भुगतान मिलेगा।
अभियंत्रण पाठ्यक्रम होगा परिणाम आधारित, एनआईटीटीटीआर भोपाल देगा प्रशिक्षण
राज्य के अभियंत्रण महाविद्यालयों में डिग्री अभियंत्रण पाठ्यक्रम को परिणाम आधारित और नई तकनीकों के अनुरूप बनाने के लिए राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल को नामित किया गया है। इस कार्य के लिए 1.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
एमटेक पढ़ाई के लिए 76 शिक्षकीय पद सृजित
मंत्रिमंडल ने 10 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय में एमटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को मजबूत करने के लिए 76 शिक्षकीय पद सृजित करने की मंजूरी दी है। इनमें 9 प्राध्यापक, 29 सह-प्राध्यापक और 38 सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं।










