महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रश्नपत्र लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। ठाणे पुलिस की एसआईटी ने इस मामले में दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दिल्ली निवासी पवन कुमार और हरियाणा निवासी हरिओम पानु के रूप में हुई है।
इन गिरफ्तारियों के साथ ही मामले में पकड़े गए आरोपितों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपी पूरे नेटवर्क से गहराई से जुड़े हुए थे। मामले की कड़ियां अब कई राज्यों तक फैलती नजर आ रही हैं।
मुंबई में खरीदारों से डील करने पहुंचा था मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया है कि कथित परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता खरीदारों से संपर्क के लिए मुंबई गया था। वह परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को ठहराने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में था।
योजना थी कि परीक्षा से ठीक पहले उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराए जाएं। एसआईटी को जांच के दौरान इस साजिश से जुड़े कई अहम इनपुट मिले हैं।
इसी आधार पर जांच का दायरा और बढ़ाया गया है। अधिकारियों के अनुसार पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।
फ्लाइट टिकट से खुला कनेक्शन, वित्तीय लेनदेन भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में पता चला कि बिजेंद्र गुप्ता के मुंबई जाने के लिए फ्लाइट टिकट हरिओम ने बुक कराया था। वहीं पवन कुमार के साथ भी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संकेत मिले हैं।
जांच एजेंसियां बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि पैसों के लेनदेन से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
एसआईटी डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
हाजीपुर कनेक्शन से मिली बड़ी सफलता
हाल ही में बिहार के हाजीपुर से गिरफ्तार साइबर कैफे संचालक सोनू से पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट और सुराग जांच के लिए अहम साबित हुए।
इन्हीं जानकारियों के आधार पर एसआईटी पवन और हरिओम तक पहुंच सकी। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपी मास्टरमाइंड के करीबी सहयोगी थे।
पूरे मामले में उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
फरार आरोपितों को बचाने का भी आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपितों ने फरार लोगों की मदद की थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपितों को वाहन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए।
सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को भी छिपाने में उनकी भूमिका रही है। बताया जा रहा है कि उसे हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में ठहराया गया था।
अब इस पहलू की भी गहराई से जांच की जा रही है। एसआईटी इस नेटवर्क की हर कड़ी तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
बिहार और झारखंड में लगातार चल रही छापेमारी
मामले की जांच कर रही टीम बिहार और झारखंड के कई जिलों में सक्रिय है। संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी और पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के राज्यवार कनेक्शन खंगाल रही हैं। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पूरे मामले पर विभिन्न राज्यों की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। फिलहाल TET पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।











