शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के सचिव बलविंदर सिंह कहलवान ने आज कहा कि कनाडा भेजे गए गुरु ग्रंथ साहिब के सारूपों को सिख राहत मर्यादा (धार्मिक आचरण) का कड़ाई से पालन करते हुए ले जाया गया। उन्होंने कहा कि सरपों को नुकसान पहुंचाने की खबरें सिख संगठन को बदनाम करने के लिए एक दुष्प्रचार है।
काहलवान ने कहा कि कनाडा में सारोपों को भेजते समय सभी मानदंडों का पालन किया गया था।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और बैंकॉक सहित कई देशों में पवित्र ग्रंथ भेजती है।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने कनाडा के सरे में श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा एसोसिएशन को सारूप प्रदान किए, जब हमारे अधिकारी सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए उनके परिसर में गए।
यहां तक कि कार्यपालिका ने भी 28 जुलाई, 2025 को हुई अपनी बैठक में संकल्प संख्या 798 के माध्यम से अपनी मंजूरी दे दी थी। उन्होंने कहा कि यहां तक कि कार्यकारी समिति की सदस्य हरजिंदर कौर ने भी संबंधित गुरुद्वारे का दौरा किया और व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए मत्था टेका। काहलवान ने सिख संगत से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की।











