पाकिस्तानी हैंडलर्स के ‘बड़े ऑफर’ के इंतजार में था अहद, मुंगेर के सद्दाम और फर्जी IB अफसर से भी जुड़े तार

कोढ़ा थाना क्षेत्र के मूसापुर निवासी मो. अहद की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान आधारित गैंगस्टर नेटवर्क से संभावित कनेक्शन की जांच तेज हो गई है। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस, साइबर सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम हर पहलू की पड़ताल कर रही है।

जांच का दायरा केवल विदेशी संपर्कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी खंगाला जा रहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से कहीं अन्य युवाओं को जोड़ा तो नहीं गया है।

जांच एजेंसियां जब्त मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया गतिविधियों, चैट, ऑडियो कॉल और विदेशी नंबरों से हुए संपर्कों की तकनीकी जांच करा रही हैं।

फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित किन-किन लोगों के संपर्क में था और बातचीत का उद्देश्य क्या था। संदिग्ध फर्जी प्रोफाइल और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसकी गतिविधियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी महीने जुलाई के पहले सप्ताह में मुंगेर के तारापुर से आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार मो. सद्दाम से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर मो. अहद तक जांच पहुंची है।

वहीं, सोमवार को कोढ़ा थाना क्षेत्र से ही पकड़े गए फर्जी आईबी अधिकारी मो अजहर अंसारी और मो. अहद के बीच भी परिचय और संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों के बीच संपर्क की प्रकृति क्या थी और इसका उद्देश्य क्या था।

दिल्ली बुलाने और बड़े आफर की बात आ रही सामने

प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि मो. अहद को दिल्ली बुलाने की कोशिश की गई थी। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कथित पाकिस्तानी हैंडलरों की ओर से उसे आर्थिक लाभ और अन्य सुविधाओं का प्रलोभन दिया गया था।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक उसने तत्काल प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और बड़े आफर की प्रतीक्षा कर रहा था। एजेंसियां इस आशंका की भी जांच कर रही हैं कि कहीं उसे भविष्य में स्लीपर सेल के रूप में तैयार करने की योजना तो नहीं थी। फिलहाल इन सभी बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकती है।

मेडिकल कंपाउंडर का करता था काम

स्थानीय लोगों के अनुसार मो. अहद का परिवार मूल रूप से पूर्णिया जिले के नगर थाना क्षेत्र के पारसबन्नी गांव का रहने वाला है। उसके दादा वर्षों पहले मूसापुर आकर बस गए थे।

अहद एक निजी अस्पताल में ग्रामीण मेडिकल कंपाउंडर के रूप में कार्य करता था और पूर्णिया के एक कालेज से बीए की पढ़ाई भी कर रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

परिवार ने कहा जांच पूरी होने दें

अहद के स्वजन ने उसके किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है। उसकी बहन ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

उनका दावा है कि अहद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग करता था और निर्दोष है। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

उल्लेखनीय है कि मुंगेर जिले के तारापुर निवासी मो. सद्दाम को पूर्व में आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

जांच में उसके पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से लंबे समय से संपर्क में रहने की बात सामने आई थी। अब उसी जांच से मिले इनपुट के आधार पर कटिहार कनेक्शन की परतें खोली जा रही हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

डिजिटल नेटवर्क समेत अन्य बिंदूओं की जांच की जा रही है। पुलिस कड़ी से कड़ी मिलाकर जांच आगे बढ़ा रही है। – सुनील कुमार शर्मा, एसडीपीओ-2 कोढ़ा

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