हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस के एनकाउंटर के बाद मामला और गरमा गया है. पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपी शूटरों को मार गिराया है. इनकी पहचान हरियाणा के मोहित और सुमित के तौर पर हुई है. सुमित की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. बेटे की मौत से टूटे पिता ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर दावे किए. उन्होंने कहा कि सुमित मजदूरी और वाई-फाई लगाने का काम करता था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. पिता ने आरोप लगाया कि मोहित ने उनके बेटे को अपने प्रभाव में लेकर इस वारदात में फंसा दिया.
सुमित मजदूरी कर चलाता था घर?
पिता से कहता था- ‘पापा, मैं बहुत मजबूर हूं’
सुमित के पिता ने भावुक होते हुए बताया कि जब वह बेटे से घर कम आने की वजह पूछते थे तो वह सिर्फ इतना कहता था, ‘पापा, मैं बहुत मजबूर हूं.’ पिता का आरोप है कि मोहित ने उनके बेटे को पैसे या किसी अन्य चीज का लालच दिया और फिर उसे अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल कर दिया. उन्होंने कहा कि उनका बेटा खुद अपराध की दुनिया में जाना नहीं चाहता था, बल्कि उसे परिस्थितियों और दूसरे लोगों के प्रभाव में इस रास्ते पर धकेला गया.
पिता ने पूछताछ के बारे क्या कहा?
सुमित के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए. उनका कहना है कि पुलिस उन्हें सोनीपत से पूछताछ के लिए लेकर गई थी. इसके बाद पुलिस ने रात में उन्हें घर छोड़ दिया, लेकिन बेटे के एनकाउंटर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. पिता के अनुसार जब वह अपने भाई के घर पहुंचे तो रिश्तेदारों से उन्हें पता चला कि सुमित पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के एक अन्य सदस्य को पुलिस ने अभी तक हिरासत में रखा हुआ है.
शव लेने से पहले मांगी पुलिस सुरक्षा
सुमित के पिता ने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरी पार्टी से खतरे का डर है. इसी वजह से परिवार अस्पताल जाकर शव लेने से भी डर रहा है. पिता ने कहा, ‘जब तक पुलिस सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी नहीं लेती, हम अस्पताल शव लेने जाने की स्थिति में नहीं हैं.’ सुमित के पिता के इन आरोपों के बाद अंकित बालियान हत्याकांड में एनकाउंटर की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं.











