जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने छह वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त अरुण कुमार उर्फ अरुण कमकर (33 वर्ष) नाम के युवक को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा तय की है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सश्रम कैद भुगतनी होगी। सरकार की ओर से पीड़िता और उसके परिवार को 13 लाख रुपये मुआवजा भी दिया जाना है।
पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि बिहार पीड़ित मुआवजा योजना और पॉक्सो नियमों के तहत एडीजे-6 सह पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने पीड़िता को 11 लाख रुपये तथा उसकी मां को मजदूरी हानि व घर के रखरखाव के लिए दो लाख रुपये यानी कुल 13 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह राशि 30 दिनों के भीतर उपलब्ध करानी होगी। इसके साथ ही न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव और समाज कल्याण विभाग को पीड़िता के लिए मुफ्त शिक्षा, बीपीएल कार्ड, राशन कार्ड तथा आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड की सुविधा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
यह मामला 16 अगस्त 2023 का है, जब सिमरी थाना क्षेत्र के एक गांव में स्कूल से लौटकर शौच के लिए गई छह साल की मासूम को उसके पड़ोस में रहने वाले अरुण ने पैसे का लालच देकर अपनी हैवानियत का शिकार बनाया था।
घटना के बाद आरोपित व स्थानीय लोगों द्वारा मामले को 5000 रुपये में रफा-दफा करने का दबाव पीड़िता के परिवार पर बनाया गया और धमकी भी दी गई थी।
हालांकि, पीड़िता के परिवार ने हिम्मत दिखाते हुए 18 अगस्त 2023 को सिमरी थाने में मामला दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत आठ गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपों को सही पाया।











