भागलपुर से समस्तीपुर होते हुए गांधीधाम तक चलने वाली स्पेशल ट्रेन को जल्द ही नियमित कर अमृत भारत एक्सप्रेस का दर्जा देने की तैयारी चल रही है।
अमृत भारत एक्सप्रेस बनने के बाद इस ट्रेन के मौजूदा रूट में भी बदलाव किया जाएगा। वर्तमान में वाराणसी होकर चलने वाली इस ट्रेन को अब गोरखपुर के रास्ते गांधीधाम तक संचालित करने की योजना है।
कनेक्टिविटी होगी और बेहतर
रूट में बदलाव से बिहार और गुजरात के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी पहले से काफी मजबूत होगी। फिलहाल गांधीधाम के लिए गोरखपुर से केवल एक सीधी ट्रेन संचालित होती है, ऐसे में नए रूट से 1600 से अधिक यात्रियों को सीधी यात्रा का लाभ मिलेगा।
वर्ष 2019 से संचालित यह ट्रेन भागलपुर से गांधीधाम की दूरी करीब 51 घंटे में पूरी करती है।
उत्तर बिहार के प्रमुख ठहराव
यह ट्रेन रविवार को भागलपुर पहुंचती है और सोमवार की सुबह पांच बजे गांधीधाम के लिए प्रस्थान करती है। भागलपुर से रवाना होने के बाद यह ट्रेन अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज), मुंगेर, बेगूसराय, बरौनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, चकिया, मोतिहारी, सगौली, बेतिया और नरकटियागंज स्टेशनों पर रुकती है। इसके बाद ट्रेन गोरखपुर मार्ग होते हुए गुजरात की ओर आगे बढ़ जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
अमृत भारत एक्सप्रेस को आम यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखकर पूरी तरह नॉन-एसी प्रारूप में आधुनिक सुविधाओं के साथ डिजाइन किया गया है।
ट्रेन की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और इसमें कुल 22 कोच जोड़े जाने की योजना है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
आपात स्थिति में सीधी बात
इस ट्रेन में टाक-बैक सिस्टम भी उपलब्ध रहेगा, जिससे यात्री किसी भी आपात स्थिति में सीधे लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर से संवाद कर सकेंगे। इसके अलावा कोचों में वैक्यूम बायो टॉयलेट, आरामदायक सीटें और बेहतर चार्जिंग प्वाइंट्स की व्यवस्था रहेगी।
अमृत भारत का दर्जा मिलने से भागलपुर और समस्तीपुर सहित पूरे उत्तर बिहार के कामगारों व यात्रियों को गुजरात जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।











