हथुआ थाना क्षेत्र के भरतपुरा गांव निवासी बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की चचेरी भाभी नीलम देवी का गुरुवार को निधन हो गया। पटना के मेदांता अस्पताल में हृदय रोग से संबंधित ऑपरेशन के बाद वह घर लौट रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन में हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निधन के बाद पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने के दौरान अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं की बदहाली भी सामने आई। अस्पताल का मार्चरी चैंबर वर्षों से बंद पड़ा होने के कारण शव को सुरक्षित रखने के लिए सदर अस्पताल से मार्चरी चैंबर मंगवाने की व्यवस्था करनी पड़ी।
घटना के बाद अस्पताल में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं और उनके रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अनुमंडलीय अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में शव सुरक्षित रखने की व्यवस्था लंबे समय से बंद रहने की जानकारी सामने आने से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
आखिर मॉर्चरी चैंबर वर्षों से बंद क्यों पड़ा था और इसे चालू कराने के लिए समय रहते पहल क्यों नहीं की गई, यह जांच का विषय है।
मुख्य सचिव के आगमन की संभावना
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के शुक्रवार सुबह तक हथुआ पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। उनके आगमन की सूचना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज होने की चर्चा है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए हथुआ एसडीओ के अलावे अन्य अधिकारी पहुंचे थे।
वहीं, इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता के साथ-साथ उनके नियमित रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।









