बुद्ध और राम सर्किट की तर्ज पर अब मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर का भी कायाकल्प होने जा रहा है। राज्य सरकार ने बहुप्रतीक्षित बाबा गरीबनाथ कॉरिडोर योजना को औपचारिक स्वीकृति दे दी है।
पहली किस्त हुई जारी
पर्यटन विभाग ने पहले चरण के विकास कार्यों के लिए 6.19 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें से दो करोड़ रुपये की पहली किस्त तुरंत जारी भी कर दी गई है।
इस पूरी महात्वाकांक्षी परियोजना को 12 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण और सौंदर्यीकरण का जिम्मा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को सौंपा गया है।
काशी विश्वनाथ जैसी भव्यता
पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि मंदिर का विकास वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी।
साहू पोखर का सौंदर्यीकरण
पहले फेज में मंदिर के शिखर, अग्रभाग, प्रवेश द्वार, आधुनिक शौचालय और साहू पोखर के सौंदर्यीकरण का काम होगा। साथ ही परिसर में आकर्षक लाइटिंग और आरती डेक भी बनेगा।
दो मुख्य प्रवेश द्वार
कॉरिडोर के निर्माण के दौरान दो भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। पहला मुख्य गेट गांधी चौक के पास होगा, जबकि दूसरा प्रवेश द्वार साहू पोखर के समीप स्थापित किया जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
देवघर ऑफ बिहार कहे जाने वाले इस मंदिर में सावन की सोमवारी पर तीन से चार लाख कांवड़िया आते हैं। कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन होंगे और स्थानीय व्यापार बढ़ेगा।
सामने हैं कई चुनौतियां
परियोजना के रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती संकरी सड़कें और अतिक्रमण हैं। इसके अलावा लटकते बिजली के तार, पार्किंग का अभाव और जाम की समस्या से निपटना भी प्रशासन के लिए बड़ा टास्क होगा।











