बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पानीपत के संजीव चौधरी द्वारा एनसीएलटी में दायर याचिका पर की गई है।
टीम ने मंगलवार को पंचकूला में उक्त खनन फर्म के खनन स्थल का भी निरीक्षण किया था और वहां तलाशी और जब्ती अभियान चलाया था।
शिकायतकर्ता के आरोपों के अनुसार, बिल धोखाधड़ी के माध्यम से बनाए गए थे और खनन सामग्री को खनन स्थल की क्षमता से अधिक बेचा गया था।
उपलब्ध सूचना के अनुसार, टीम द्वारा दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच से यह पता चलने की उम्मीद है कि क्या कथित बिलिंग अनियमितताएं, अवैध खनन और खनन सामग्री का परिवहन वास्तव में हुआ था। आगे की कार्रवाई चल रही जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि वह व्यवसाय के लिए उक्त खनन फर्म से जुड़ा था और उसने अपनी संबंधित जिम्मेदारियों को निर्दिष्ट करते हुए एक लिखित समझौता किया था, हालांकि, उसे पिछले 11 महीनों से खाते प्रदान नहीं किए गए थे।











