बच्चे की आंख में दिखे ये सफेद चमक तो हो जाएं सावधान! समय पर जांच से बच सकती है रोशनी और जान

बच्चे की आंख में असामान्य सफेद चमक दिखाई दे, पुतली का रंग बदलने लगे या दोनों आंखों की दिशा अलग-अलग नजर आए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण बच्चों में होने वाले आंख के कैंसर रेटिनोब्लास्टोमा के संकेत हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, बीमारी की समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से बच्चे की आंख की रोशनी बचाने के साथ उसकी जान भी बचाई जा सकती है।

इसी संदेश को अभिभावकों और आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आइजीआइएमएस के क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में रेटिनोब्लास्टोमा पर संगोष्ठी आयोजित की गई।

कैंसर को मात दे चुके 10 बच्चों ने बढ़ाया हौसला

संगोष्ठी में आंख के कैंसर को मात दे चुके 10 बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए। इन बच्चों ने अपनी आत्मशक्ति और हौसले से बीमारी से जूझ रहे अन्य बच्चों और उनके परिवारों को प्रेरित किया।

विशेषज्ञों ने कहा कि बिहार में बच्चों के कैंसर के इलाज की सुविधाएं पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई हैं।

अब जरूरत इस बात की है कि बीमारी की पहचान जल्द हो और बच्चे की स्थिति के अनुसार बिना देरी उपचार शुरू किया जाए।

आधुनिक जांच और उपचार के बदलते तरीकों पर चर्चा

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में वैज्ञानिक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें दिल्ली से आईं डा. सीमा ने रेटिनोब्लास्टोमा की जांच और उपचार में हो रहे नवीन बदलावों की जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने बीमारी की जल्द पहचान, आधुनिक जांच तकनीक और उपचार के बदलते तरीकों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और इलाज से कई बच्चों को गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचाया जा सकता है।

कैंसर पीड़ित बच्चों के परिवारों को भी मिले सहयोग

कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि कैंसर से पीड़ित बच्चों और उनके उपचार एवं पुनर्वास के लिए काम कर रहे संस्थानों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

उन्होंने बच्चों के इलाज के साथ उनके परिवारों को मानसिक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डा. बिंदे कुमार, डीन एकेडमिक डा. ओम कुमार, स्टेट कैंसर संस्थान के प्रमुख डा. राजेश कुमार समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

विशेषज्ञों ने लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने को कहा

संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों की आंखों में होने वाले असामान्य बदलावों पर नजर रखने की सलाह दी।

आंख में सफेद चमक, पुतली के रंग में बदलाव या आंखों की दिशा अलग-अलग दिखने जैसे संकेत मिलने पर तुरंत जांच कराने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन डा. ऋचा माधवी और डा. एमएस अली ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डा. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *