AI का खौफनाक खेल! नाबालिग को फर्जी आपत्तिजनक तस्वीर से किया ब्लैकमेल, हजारीबाग से मुख्य आरोपित गिरफ्तार

पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत के मामले की जांच में साइबर ब्लैकमेलिंग का चौंकाने वाला एंगल सामने आया है।

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि छात्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई फर्जी आपत्तिजनक तस्वीर के जरिए कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था।

इस मामले में पुलिस ने झारखंड के हजारीबाग से मुख्य आरोपित सुनील साव को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपित छात्र से लगातार पैसों की मांग कर रहा था। मामले की जांच अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

लड़की की DP के पीछे छिपा था साइबर अपराधी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि छात्र मोबाइल फोन पर अक्सर एक व्यक्ति से बातचीत करता था। जिस नंबर से बातचीत हो रही थी, उसकी डिस्प्ले पिक्चर पर एक लड़की की तस्वीर लगी थी।

तकनीकी जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने अलग ही कहानी आई। पुलिस के मुताबिक, उस प्रोफाइल के पीछे हजारीबाग का रहने वाला सुनील साव था, जिसने कथित तौर पर छात्र को अपने जाल में फंसाया था।

AI से बनाई फर्जी तस्वीर, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल

पुलिस के अनुसार, आरोपित ने छात्र की तस्वीर का इस्तेमाल कर AI की मदद से एक फर्जी आपत्तिजनक तस्वीर तैयार की। इसके बाद इसी तस्वीर को सार्वजनिक करने की धमकी देकर छात्र पर दबाव बनाया जा रहा था।

पुलिस की जांच में छात्र और आरोपित के बीच पैसों के लेनदेन के संकेत भी मिले हैं। मोबाइल फोन और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपित तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

परिवार ने लगाया था साजिश का आरोप

घटना के बाद छात्र के स्वजनों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। परिवार की ओर से मामले में साजिश की आशंका भी जताई गई थी।

शुरुआत में घटना को अलग नजरिए से देखा जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान साइबर ब्लैकमेलिंग से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने डिजिटल एविडेंस पर फोकस बढ़ाया।

हजारीबाग से पकड़ा गया मुख्य आरोपित

सचिवालय एसडीपीओ-1 डॉ. अनु कुमारी के अनुसार, पुलिस ने मामले में आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित ने छात्र को किस तरह संपर्क में लिया, कितने समय तक ब्लैकमेल किया और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

AI के गलत इस्तेमाल ने बढ़ाई चिंता

यह मामला AI तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फर्जी तस्वीरों के जरिए किसी व्यक्ति को डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने की घटनाएं डिजिटल सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

पुलिस ने फिलहाल आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ब्लैकमेलिंग के पूरे नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

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