केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छोटी जोत वाले किसानों के लिए नए कृषि मॉडल की बात कही है।
पटना के बामेती सभागार में किसान जन कल्याण संवाद अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि कम जमीन में भी किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
छोटी जोत बनी चुनौती, अब खेती का तरीका बदलने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में किसान छोटी जोत वाले हैं। ऐसे में कम भूमि पर परिवार का खर्च चलाना और लाभकारी खेती करना चुनौतीपूर्ण है।
सरकार का प्रयास है कि खेती का ऐसा मॉडल विकसित हो, जिससे कम जमीन से अधिक आय हासिल की जा सके।
महंगी खेती से राहत की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों के पास जमीन सीमित है, जबकि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। इसलिए खेती की लागत कम करना भी जरूरी है।
सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, ताकि किसानों की कमाई और खेती की स्थिरता दोनों बढ़ सकें।
ICAR ने तैयार किया इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल, बढ़ेगी आमदनी
किसानों की आय बढ़ाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने विशेष इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल विकसित किया है।
इसमें उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर खेती से ज्यादा आय हासिल करने पर जोर दिया गया है। छोटे किसानों के लिए यह मॉडल खास तौर पर उपयोगी बनाने की कोशिश है।
खेती से आगे बढ़कर बाजार और उद्यमिता पर भी होगी चर्चा
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि किसान कल्याण संवाद अभियान में आधुनिक कृषि, फसल प्रबंधन और प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती पर संवाद होगा।
इसके साथ महिला सशक्तीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
पटना से शुरू हुआ अभियान, अब हर जिले तक पहुंचेगा संवाद
किसान कल्याण संवाद अभियान की शुरुआत पाटलिपुत्र की धरती से हुई है। अब इसे राज्य के हर जिले तक पहुंचाने की तैयारी है।
सरकार का उद्देश्य किसानों को नई तकनीक, बेहतर बाजार और खेती से जुड़े नए अवसरों से जोड़ना है।











