चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान पटना (सीआईएमपी) ने पीजीडीएम बैच 2024-26 के लिए 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित किया है। विद्यार्थियों को प्राप्त सर्वोच्च वार्षिक वेतन पैकेज 11 लाख, औसत सीटीसी छह लाख 81 हजार तथा मीडियन सीटीसी छह लाख 45 हजार प्रति वर्ष रही।
इस वर्ष अंतिम प्लेसमेंट प्रक्रिया में 120 विद्यार्थियों ने भाग लिया और सभी को विभिन्न उद्योगों एवं प्रबंधन क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त हुआ। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 51 कंपनियां शामिल हुईं, जिनमें से 41 कंपनियों ने अंतिम नियुक्ति प्रस्ताव दिए। इस वर्ष 29 नई कंपनियां पहली बार सीआईएमपी के प्लेसमेंट अभियान से जुड़ीं।
इस प्लेसमेंट सीजन में आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा भर्तीकर्ता रहा। इसके अतिरिक्त रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, इंडिगो पेंट्स, जल जीवन हरियाली मिशन, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, ग्रांट थॉर्नटन भारत, हैवेल्स इंडिया, कोलगेट पामोलिव, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी तथा आईटीसी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने भी विद्यार्थियों की भर्ती की।
साथ ही 29 नए भर्ती साझेदारों की भागीदारी ने प्लेसमेंट अभियान को और अधिक सशक्त बनाया। विद्यार्थियों का चयन बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, एफएमसीजी, उपभोक्ता वस्तुएं, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, पेंट एवं बिल्डिंग मैटेरियल, बीमा, अवसंरचना, सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र, ग्रामीण विकास, कंसल्टिंग, लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन तथा प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों सहित अनेक क्षेत्रों में हुआ।
छात्रों को सेल्स एवं मार्केटिंग, रिटेल एवं कॉरपोरेट बैंकिंग, बिजनेस बैंकिंग, वित्त, संचालन (ऑपरेशंस), सप्लाई चेन मैनेजमेंट, बिजनेस डेवलपमेंट, एनालिटिक्स, कंसल्टिंग, रिलेशनशिप मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, मानव संसाधन तथा मैनेजमेंट ट्रेनी जैसी विविध भूमिकाओं में नियुक्तियां प्राप्त हुईं, जो उनकी बहुआयामी दक्षता और उद्योग के लिए उनकी तैयारियों को दर्शाता है।
सीआईएमपी के निदेशक प्रो. राणा सिंह ने कहा कि एक और बैच का 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हमारे विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के सहयोगियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उद्योग द्वारा सीआईएमपी के विद्यार्थियों पर जताए गए विश्वास का प्रतीक है।
प्लेसमेंट चेयरपर्सन प्रो. विभाष कुमार ने कहा कि प्लेसमेंट तैयारी, उद्योग सहभागिता और कौशल विकास पर हमारा निरंतर ध्यान विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में सफल बनाने में सहायक रहा है।











