गया जंक्शन पर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश एक यात्री के लिए जानलेवा साबित हुई। रविवार की देर शाम प्लेटफार्म नंबर छह पर रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक यात्री का पैर फिसल गया।
वह ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंस गए। काफी मशक्कत के बाद प्लेटफार्म का हिस्सा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
रेल थाना प्रभारी निशा कुमारी ने मृतक की पहचान नालंदा जिला के आस्थावां थाना क्षेत्र के गोटिया गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद के रूप में की। वह पत्नी सुनीता देवी के साथ बोकारो से पटना लौट रहे थे।
पत्नी के सामने हुआ हादसा, नहीं बच सकी जान
सुनीता देवी ने बताया कि वह पति के साथ बोकारो से पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस से सफर कर रही थीं। गया जंक्शन पर उनके पति ट्रेन से नीचे उतरे थे।

इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। वह दोबारा चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगे, तभी उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफार्म के बीच फंस गए।
मौके पर पहुंची आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने ट्रेन रुकवाकर उन्हें निकालने का प्रयास किया। यात्री के बुरी तरह फंसे होने के कारण प्लेटफार्म का हिस्सा तोड़ना पड़ा। बाहर निकाले जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हादसे से दूसरी ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित
घटना के बाद प्लेटफार्म नंबर छह पर जनशताब्दी एक्सप्रेस के खड़े रहने से दूसरी ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ। पटना-सिंगरौली एक्सप्रेस (13350) को निर्धारित प्लेटफार्म नंबर छह के बजाय प्लेटफार्म नंबर चार पर लिया गया।
पूछताछ काउंटर से यात्रियों को प्लेटफार्म परिवर्तन की सूचना दी गई। वहीं, गया से पटना जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से 38 मिनट विलंब से रवाना हुई। जनशताब्दी एक्सप्रेस हादसे के बाद रात 9:50 बजे पटना के लिए रवाना हुई।











