जिले के मदनपुर प्रखंड के घटराइन गांव में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के तहत एक मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। मंगलवार को इसकी सफल कमीशनिंग हुई।
एक-दो दिनों में बिजली उत्पादन और आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। संयंत्र से चार कृषि फीडरों से जुड़े 455 कृषि पंपों को बिजली मिलेगी। इससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिजली उपलब्ध होगी और सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
कृषि जरूरतों में सौर ऊर्जा के उपयोग से परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम होगी। संयंत्र की स्थापना किसान श्यामजी ने की है।
उत्पादित बिजली खरीदने के लिए संबंधित विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के साथ 3.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से विद्युत क्रय समझौता (पीपीए) हुआ है। इसके आधार पर संयंत्र संचालक को सालाना करीब 50 लाख रुपये राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह जिले का निजी क्षेत्र में पहला सौर ऊर्जा संयंत्र है।
विभाग के अनुसार, बिहार में पीएम-कुसुम योजना के तहत अबतक 17 सौर ऊर्जा संयंत्रों की कमीशनिंग हो चुकी है। इनकी कुल स्थापित क्षमता 45.68 मेगावाट है। घटराइन का संयंत्र भी इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि संयंत्र से उत्पादित बिजली पावर सब स्टेशन पहुंचेगी और वहां से ग्रिड में आपूर्ति की जाएगी। एक मेगावाट क्षमता का संयंत्र लगाने में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जिसमें सरकार डेढ़ करोड़ रुपये का अनुदान देती है।











