बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में एनडीए ने अपने सभी उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर दिए हैं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी अपने हिस्से की सीट पर उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। पार्टी ने कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को मैदान में उतारा है।
लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक ने बताया कि पार्टी के केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने अशरफ अंसारी के नाम को मंजूरी दी है। इसके साथ ही एनडीए के सभी नौ उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है।
8 जून तक होगा नामांकन
18 जून को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि आठ जून है। इस चुनाव के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से रिक्त हुई विधान परिषद की एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा।
उस सीट के लिए भी एनडीए पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुका है। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो एनडीए ने इस बार उम्मीदवार चयन में सामाजिक और जातीय संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है।
नौ उम्मीदवारों में दो महिलाओं को मौका दिया गया है, जबकि पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग को भी प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।
पवन सिंह और आरके सिंह भी जाएंगे विधान परिषद
भाजपा ने इस चुनाव में चर्चित भोजपुरी अभिनेता एवं गायक पवन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह, संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को उम्मीदवार बनाया है।
इनमें अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं। भाजपा ने पुराने और नए चेहरों के मिश्रण के जरिए सामाजिक समीकरण मजबूत करने की कोशिश की है।
जदयू में 2 महिलाओं को टिकट
वहीं जदयू ने अपने कोटे की तीन सीटों के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष भारती मेहता और पश्चिम चंपारण की शिवरानी देवी प्रजापति को उम्मीदवार बनाया है।
उपचुनाव के लिए शेखपुरा के ललन प्रसाद को प्रत्याशी घोषित किया गया है। जदयू के सभी उम्मीदवार पहली बार विधान परिषद पहुंचने की राह पर हैं।
पार्टी ने अपने कोटे में 50 प्रतिशत महिलाओं को मौका देकर महिला प्रतिनिधित्व का भी संदेश देने का प्रयास किया है।अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाकर लोजपा (रामविलास) ने भी अल्पसंख्यक समुदाय को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।











