पटना में खान सर के कोचिंग में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी, 7 दिन का अल्टीमेटम

खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर की परेशानियां कम होती नहीं दिख रही हैं।

कोचिंग संस्थान पर फायरिंग मामले में पुलिस कार्रवाई के बीच अब उनके कोचिंग संस्थान और अस्पताल पर प्रशासनिक कार्रवाई का खतरा भी मंडराने लगा है।

फायर सेफ्टी मानकों की जांच में कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद अगला कदम उठाने की तैयारी शुरू हो गई है।रविवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने खान ग्लोबल स्टडीज और उससे जुड़े अस्पताल परिसर का फायर सेफ्टी ऑडिट किया।

जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां पाई गईं। अधिकारियों ने संस्थान प्रबंधन को 7 से 10 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया है।

तय समय सीमा में सुधार नहीं होने पर नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि सीलिंग की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

फायर अलार्म से लेकर फायर पंप तक में कमी

जांच में पाया गया कि कोचिंग संस्थान में आवश्यक फायर अलार्म सिस्टम पर्याप्त रूप से कार्यशील नहीं है। इसके अलावा फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम भी नहीं मिला।

अग्निशमन विभाग के मानकों के अनुसार जहां 25 हजार लीटर क्षमता का ओवरहेड पानी टैंक होना चाहिए, वहां केवल 5 हजार लीटर क्षमता का टैंक मौजूद पाया गया।

इतना ही नहीं, आपात स्थिति में आग बुझाने के लिए आवश्यक 900 लीटर प्रति मिनट क्षमता का फायर पंप भी उपलब्ध नहीं मिला।

भवन में पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर भी नहीं पाए गए, जिससे किसी बड़े हादसे की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

दूसरी बार ऑडिट में भी नहीं मिला संतोषजनक सुधार

जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश पांडेय ने बताया कि यह संस्थान का दूसरा फायर सेफ्टी ऑडिट था। पहली जांच के बाद भी कई सुझाव दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं किए गए।

इसी कारण इस बार अंतिम चेतावनी के रूप में एक सप्ताह का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित अवधि में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो अग्निशमन नियमावली के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शहर के अन्य बड़े भवन भी रडार पर

अग्निशमन विभाग केवल खान ग्लोबल स्टडीज तक सीमित नहीं है। राजधानी के अन्य बड़े व्यावसायिक और शैक्षणिक भवनों की भी जांच की जा रही है।

जहां-जहां सुरक्षा मानकों में कमी पाई जा रही है, वहां नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *