जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के स्वजन ने घटना को लेकर कई आरोप लगाए हैं।
मां का कहना है कि भरत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मारी गई।
भरत भूषण तिवारी चार भाई-बहनों में मंझला था। बड़ा भाई का नाम वसंत तिवारी तथा छोटे भाई का नाम चंदन तिवारी है।
स्वजन के अनुसार भरत गांव और समाज से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता था उसके पास पिस्टल कहां से आई, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है।
स्वजन का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बाद भरत को पांच गोलियां मारी गईं। घटना के बाद उन्हें भरत से मिलने या देखने तक नहीं दिया गया और पुलिस उसे लेकर आरा चली गई।
पिता ने बताया कि भरत बिलौटी गांव में इलेक्ट्रिक बाइक का शोरूम खोलने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए लाइसेंस हेतु आवेदन भी किया गया था। स्वजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।











