जेल के अंदर से एक गैंगस्टर द्वारा रिकॉर्ड किए गए कथित वायरल वीडियो की जांच के सिलसिले में यहां केंद्रीय कारागार के एक उपाधीक्षक को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि केंद्रीय कारागार में उपाधीक्षक के पद पर तैनात हरभजन सिंह को अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) के कर्मचारियों ने 14 जून को होशियारपुर के सिटी पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में चार और पांच जुलाई की दरम्यानी रात को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ पंजाब जेल एवं सुधार सेवा अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, पुलिस ने तत्काल उन विशिष्ट आरोपों या सबूतों का खुलासा नहीं किया, जिनके कारण जेल अधिकारी की गिरफ्तारी हुई।
यह मामला बठिंडा जिले के तलवंडी साबो के निवासी मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना के एक कथित वीडियो से उपजा है, जो सेंट्रल जेल, होशियारपुर में बंद है। यह वीडियो 14 जून को सोशल मीडिया पर सामने आया था।
वीडियो में मनप्रीत ने जेल कर्मचारियों द्वारा उत्पीड़न, पैसे की मांग और जेल के अंदर नशीले पदार्थों की उपलब्धता का आरोप लगाया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ जेल कर्मियों ने कैदियों पर हमला किया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जेलों में सुधार करने और कैदियों को उनके जीवन को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करने की अपील की।
वीडियो के प्रसार के बाद, जेल अधिकारियों ने आरोपों की जांच शुरू की।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान जेल के अंदर मनप्रीत सिंह के पास से सिम रहित मोबाइल फोन बरामद किया गया।
वीडियो ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, विपक्षी नेताओं ने जेल प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाया और कहा कि कैसे एक उच्च सुरक्षा वाली जेल में बंद एक गैंगस्टर इस तरह के वीडियो को प्रसारित करने में सक्षम था।











