32 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद मंगलवार को एक पुलिस थाने के बाहर खुद को आग लगा ली, जिससे उसे बचाने की कोशिश कर रहे चार पुलिसकर्मियों को जला दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महेश पासी दोपहर के आसपास पुलिस थाने पहुंचे थे और शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी ने उनके साथ मारपीट की है और वह उनके साथ रहने को तैयार नहीं हैं।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) शिव सिंह ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही देर बाद महेश महाराजपुर पुलिस थाने के बाहर गया और उसने खुद पर ज्वलनशील तरल पदार्थ डाला और खुद को आग लगा ली और वापस थाना परिसर में भाग गया।
थाना प्रभारी जनार्दन सिंह, ड्यूटी अधिकारी और दो कांस्टेबल तुरंत उसे बचाने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने उसे कंबल में लपेट दिया, आग बुझाई और उसे उर्सुला अस्पताल की बर्न यूनिट में ले जाया गया।
अधिकारी ने बताया कि बचाव के दौरान थाना प्रभारी (एसएचओ) के हाथ और चेहरे झुलस गए, जबकि एक उपनिरीक्षक और दो कांस्टेबलों को भी झुलस गया।
अधिकारी ने कहा, ‘शिकायत दर्ज कराने के बाद व्यक्ति ने थाने के बाहर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग की लपटों में घिरते हुए परिसर में घुस गया। उसे बचाने की कोशिश में पुलिसकर्मी झुलस गए।
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह घटना महेश और उनकी पत्नी पूनम के बीच लंबे समय से चल रहे घरेलू विवाद से उपजी है। पुलिस ने बताया कि दंपति ने 2015 में शादी की थी और उनके दो बच्चे हैं।
एडीसीपी ने कहा कि पूनम ने सोमवार को महेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह शराब पीने के बाद नियमित रूप से उसके साथ मारपीट करता था।
शिकायत के अनुसार, महेश ने सोमवार को उसके साथ फिर से मारपीट की, जिससे कई लोग घायल हो गए। सिंह ने बताया कि सरसौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई मेडिकल जांच में उसके शरीर पर सात चोटें दर्ज की गईं।
महेश को गंभीर हालत में बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है, जबकि घायल पुलिसकर्मियों का भी इलाज चल रहा है।
पुलिस ने कहा कि आगे की कानूनी कार्यवाही चल रही है।











