बिहार के कई जिलों में झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, लेकिन भागलपुर सहित पटना और गया जैसे कई इलाके अब भी आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
बादल आते हैं, मंडराते हैं। गरजते और चमकते हैं, और बिना बरसे आगे बढ़ जाते हैं। ऐसे में लोगों के बीच एक ही सवाल तैर रहा है। आखिर इन शहरों से मानसून क्यों रूठ गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, भागलपुर केंद्र के विज्ञानी अनुपम नाहर की मानें तो इसके पीछे कई मौसम वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। वर्तमान परिस्थितियों में मानसून द्रोणी का अधिक सक्रिय भाग उत्तर एवं उत्तर-पूर्व बिहार के समीप बना हुआ दिखाई दे रहा है।
इसी कारण उन क्षेत्रों में निचले स्तर की हवाओं का मिलन अधिक प्रभावी है, जिससे संवहनीय गतिविधियां तेजी से विकसित हो रही हैं और अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।
इसके उलट भागलपुर, पटना और गया जैसे क्षेत्र मानसून द्रोणी के मुख्य सक्रिय हिस्से से कुछ दक्षिण की ओर स्थित हैं। ऐसे में यहां हवाओं का मिलन अपेक्षाकृत कमजोर पड़ रहा है, जिससे बादलों के बनने और उनके विकसित होने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
क्यों रूठा है मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक और बड़ी वजह मध्य क्षोभमंडल में मौजूद अपेक्षाकृत शुष्क हवा भी हो सकती है। निचले स्तर पर बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी मिलने के बावजूद यदि ऊपरी स्तर पर शुष्क वायु या पवन कतरनी (वर्टिकल विंड शियर) का प्रभाव बना रहता है, तो विकसित होते बादल अधिक समय तक संगठित नहीं रह पाते।
नतीजतन वर्षा का वितरण असमान हो जाता है और कुछ क्षेत्रों में केवल छिटपुट बारिश तक सीमित रह जाती है।
हालांकि राहत की उम्मीद अभी बाकी है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि मानसून द्रोणी की स्थिति में बदलाव होता है अथवा मध्य वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ती है, तो भागलपुर समेत पटना और गया में भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है।
फिलहाल मौसम का मिजाज यही कह रहा है कि मानसून बिहार पहुंच तो गया है, लेकिन कुछ शहरों से उसकी नाराजगी अब भी बरकरार है।











