कोसी और बागमती के जलस्तर में उछाल जारी है। दोनों नदियां उफान पर है और जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। बुधवार को विभाग की ओर से जारी खैरियत प्रतिवेदन में भी दोनों नदियों की प्रवृति बढ़ने की बताई गई है।
दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में बांध-तटबंधों की दिवा-रात्रि चौकसी जारी है। कोसी-बागमती के कुछेक संवेदनशील-अतिसंवेदनशील स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का कार्य आरंभ है।
बुधवार की सुबह छह बजे खगड़िया के बलतारा में कोसी का जलस्तर 34.26 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार की संध्या छह बजे यहां कोसी का जलस्तर 34.17 मीटर था।
12 घंटे के दौरान (मंगलवार की संध्या छह बजे से बुधवार की सुबह छह बजे तक) कोसी के जलस्तर में नौ सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। कोसी बलतारा में खतरे के निशान (33.85 मीटर) से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
बागमती का जलस्तर खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास बुधवार की सुबह छह बजे 36.58 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार की संध्या छह बजे यहां बागमती का जलस्तर 36.43 मीटर था।
बीते 12 घंटे के दौरान (मंगलवार की संध्या छह बजे से बुधवार की सुबह छह बजे तक) संतोष जलद्वार के पास बागमती के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बागमती खतरे के निशान (35.63 मीटर) से 95 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
संवेदनशील-अतिसंवेदनशील स्थल पर एक्टिव है अस्थाई कैंप
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कोसी और बागमती पर बने बांध-तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-दो, खगड़िया के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने बुधवार को चोढ़ली जमींदारी बांध के पांच-छह किलोमीटर का जायजा लिया। यह अतिसंवेदनशील स्थल माना जाता है।
कार्यपालक अभियंता ने सभी बांध-तटबंधों और आधारभूत संरचनाओं को सुरक्षित बताया है। उन्होंने कहा कि बांध-तटबंधों की सदत निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील-अतिसंवदेनशील स्थलों पर अस्थाई कैंप बनाए गए हैं। बालू भरे बोरे का पर्याप्त भंडारण किया गया है।











