नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले में एक वाहन को निशाना बनाकर किए गए आईईडी विस्फोट में असम राइफल्स के एक जवान के शहीद होने और चार अन्य कर्मियों तथा एक नागरिक के घायल होने के बाद सुरक्षा बलों ने मंगलवार को तलाशी अभियान तेज कर दिया।
सुखोवी के पास सोमवार दोपहर अर्धसैनिक बल के एक वाहन के पास आईईडी विस्फोट में जम्मू-कश्मीर के हवलदार मोहम्मद इकबाल की मौत हो गई और असम राइफल्स के चार अन्य जवान घायल हो गए।
एक रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को असम राइफल्स और नगालैंड पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को इलाके में शामिल किए जाने के साथ अभियान तेज हो गया।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने यह भी कहा कि सभी चार घायल कर्मियों की हालत स्थिर है और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए अभियान जारी है।
28 असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल नागालैंड के सुखोवी में असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल में तैनात थे। तीन अगस्त 1981 को जन्मे उन्होंने पांच अप्रैल 2003 को बल में भर्ती हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले के कल्लार मोहरा गांव के रहने वाले उनके परिवार में उनकी पत्नी नसीम अख्तर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शहीद सैनिक के सम्मान में मंगलवार दोपहर को सुखोवी के असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल में पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा।
विस्फोट के समय असम राइफल्स के जवान एक मिनी ट्रक में यात्रा कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट से पास के एक नागरिक के पैर में उड़ती हुई वस्तु लग गई, साथ ही एक ऑटोरिक्शा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इस बीच, एनएससीएन/जीपीआरएन (एनएससीएन-आईएम) ने मंगलवार को सुखोवी के खोपानला के पास आईईडी विस्फोट की कड़ी निंदा की और इसे ‘कायरतापूर्ण आतंकवादी कृत्य’ करार दिया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति भंग करना था।
संगठन ने एक बयान में कहा कि तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों और कार्मिक रोधी सुरंगों के उपयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता है, चेतावनी दी कि इस तरह के हमलों से नागरिकों की जान खतरे में पड़ जाती है, जनता के बीच भय फैलता है और उस शांति को कमजोर किया जा सकता है जिसे बनाए रखने के लिए क्षेत्र के लोगों ने काम किया है।
हमले से खुद को अलग करते हुए उसने कहा कि वह विस्फोट के पीछे के तथ्यों को स्थापित करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश करेगा और लोगों से घटना पर अटकलें नहीं लगाने का आग्रह किया और सहयोग की अपील की ताकि विस्फोट के पीछे के लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।
अभी तक किसी भी आतंकवादी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।











