मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को पटना मेट्रो रेल के लिए चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कहा कि पटना मेट्रो का काम वित्तीय बाधाओं के कारण नहीं रुके। यह निर्देश दिया कि 1100 करोड़ रुपए के आवश्यक फंड प्रवाह को बनाए रखा जाए।
मुख्य सचिव द्वारा बैठक में परियोजना की वर्तमान भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, समय-सीमा, फंड आवश्यकताओं और आगामी ट्रैफिक डायवर्जन योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने छह साल के टाइम ओवररन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य की गति को दोगुना किया जाए, ताकि परियोजना को संशोधित लक्ष्यों के भीतर हर हाल में पूरा किया जा सके।
डिपॉजिट वर्क्स के तहत चल रहे अनुबंधों के लिए 1100 करोड़ रुपए के आवश्यक फंड प्रवाह को निरंतर बनाए रखने का निर्देश दिया गया, ताकि वित्तीय बाधाओं के कारण काम न रुके।
विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जू स्टेशनों के आसपास प्रस्तावित ट्रैफिक डायवर्जन योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा होनी चाहिए। इसके लिए पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक मार्शल तैनात किए जाएं।
विकास भवन और विद्युत भवन स्टेशनों के निर्माण के लिए चिह्नित बाधाओं (जैसे एसबीआई एटीएम, पुलिस बूथ, फलों की दुकानें, और संबंधित भवनों की बाउंड्री वाल) को संबंधित विभागों से समन्वय कर अविलंब हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए।
इस तरह नई समय सीमा निर्धारित
मुख्य सचिव की उपस्थिति में विभिन्न खंडों को चालू करने की नई समय-सीमा (कमीशनिंग टाइमलाइन) निर्धारित की गई:











