मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। संशोधन के बाद तैयार विधेयक का प्रारूप भी स्वीकृत कर लिया गया। बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी पर होगी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार इंटरनेट मीडिया पर गाली-गलौच, अभद्र भाषा का प्रयोग या किसी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर भी गुंडा एक्ट (सीसीए) के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
ऐसे मामलों में छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया जा रहा है।
पेपर लीक जैसे अपराध भी आएंगे दायरे में
सरकार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों को भी बिहार अपराध नियंत्रण कानून के दायरे में लाने जा रही है।
नए प्रावधान लागू होने के बाद पेपर लीक के आरोपितों पर भी सीसीए के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि बदलते अपराधों से निपटने के लिए कानून को और मजबूत बनाना जरूरी है।
बदलते अपराधों के अनुसार होगा कानून मजबूत
सरकार के अनुसार साइबर अपराध, डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और संगठित अपराधों में बढ़ोतरी को देखते हुए कानून में संशोधन किया जा रहा है।
इससे पुलिस को नए तरह के अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए अधिक मजबूत कानूनी अधिकार मिलेंगे।
कैबिनेट ने शिक्षा से जुड़े कई प्रस्ताव भी किए मंजूर
मंत्रिमंडल ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके अलावा बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 तथा मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी।











