बिहार के टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन, तीन बड़े अफसर गिरफ्तार; ED के छापे में मिले थे करोड़ों

टेंडर घोटाले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।

इनमें भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास, वित्त विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी और नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता रहे उमेश कुमार सिंह शामिल हैं।

तीनों के ठिकाने पर 2024 में हुई थी छापेमारी

इन तीनों के ठिकानों पर ईडी ने पिछले साल छापेमारी की थी जिसमें 11.50 करोड़ से अधिक की राशि बरामद हुई थी। इसके पहले एसवीयू इसी मामले में टेंडर घोटाले के किंगपिन रिशुश्री और उसके करीबी सहयोगी संतोष कुमार को पटना से गिरफ्तार कर चुकी है।

रिशुश्री से कनेक्‍शन जुड़ने पर दो आईएएस अधिकारियों को सरकार पहले ही सस्‍पेंड कर चुकी है। योगेश कुमार सागर और अभ‍िलाषा कुमारी शर्मा पर निलंबन की तलवार चल चुकी है।

तारिणी, मुमुक्षु और उमेश के विरुद्ध दर्ज है प्राथमिकी

इस छापेमारी के बाद विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने तारिणी प्रसाद, मुमुक्षु चौधरी और उमेश कुमार सिंह के विरुद्ध पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, सीतामढ़ी और सहरसा में नगर आयुक्त रहते हुए मुमुक्षु ने रिशुश्री की कंपनियों को रिश्वत के बदले करोड़ रुपये के ठेके आवंटित किए थे।

तारिणी दास पर भी पैसे लेकर नकद कमिशन लेने का आरोप लगा जिसके बाद उनकी विस्तारित सेवा भी खत्म कर दी गई।

वहीं उमेश कुमार सिंह पर ठेकेदारों और एजेंसियों के साथ मिलकर संगठित भ्रष्टाचार तंत्र खड़ा करने का आरोप लगा। रिशु श्री की कंपनी समेत अन्य एजेंसियों के बिलों के भुगतान में से एक निश्चित हिस्सा उमेश कुमार सिंह तक पहुंचता था।

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