बिहार पुलिस में ई साक्ष्य ऐप का प्रयोग अनिवार्य, अब हर कार्रवाई की होगी रिकॉर्डिंग

झंझारपुर और फुलपरास अनुमंडल पुलिस कार्यालय में अपराध समीक्षा बैठक हुई। झंझारपुर एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा और फुलपरास एसडीपीओ अमित कुमार ने अंचल निरीक्षकों व थानाध्यक्षों के साथ कानून-व्यवस्था, लंबित कांडों के निष्पादन और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ई साक्ष्य एप का इस्तेमाल

बैठक में ई साक्ष्य एप का अनिवार्य इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया। छापेमारी, तलाशी, जब्ती और बयान के दौरान फोटो-वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि वैज्ञानिक अनुसंधान और न्यायालय में साक्ष्य की विश्वसनीयता मजबूत हो।

गंभीर मामलों में फरार आरोपितों के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज करने का भी निर्देश दिया गया।

अपराध नियंत्रण पर जोर

नियमित एंटी-क्राइम वाहन जांच चलाने और सहयोग पोर्टल से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन करने को कहा गया। श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। भूमि विवाद के मामलों में बीएनएसएस की धारा 126/135 के तहत त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।

झंझारपुर का प्रदर्शन

झंझारपुर अनुमंडल में 194 कांड दर्ज होने के विरुद्ध 221 मामलों का निष्पादन हुआ। यहां क्लियरेंस रेट 113.91 प्रतिशत रहा। झंझारपुर, भैरवस्थान और भेजा थाना ने बेहतर प्रदर्शन किया।

अररिया संग्राम थाना में 18 में से 12 मामलों के निष्पादन पर क्लियरेंस रेट 66.66 प्रतिशत रहा। बेहतर प्रदर्शन नहीं होने पर थानाध्यक्ष को शो-कॉज जारी किया गया। तत्काल सुधार का निर्देश देते हुए सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

फुलपरास अनुमंडल में 209 कांडों के विरुद्ध 277 मामलों का निष्पादन हुआ। यहां क्लियरेंस रेट 132.53 प्रतिशत रहा। फुलपरास, लौकहा और ललमनिया थाना का प्रदर्शन बेहतर रहा।

घोघरडीहा को भी शो-कॉज

घोघरडीहा थाना में 29 में से 25 मामलों का निष्पादन हुआ और क्लियरेंस रेट 86.20 प्रतिशत रहा। इसके लिए थानाध्यक्ष को शो-कॉज जारी किया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानों की सराहना की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *