बिहार में चोर उड़ा ले गए 131 फीट ऊंचा मोबाइल टावर, रिपेयर करने पहुंचे कंपनी के लोग तो उड़े होश

बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव शहर से 131 फीट ऊंचा मोबाइल टावर गायब होने का मामला सामने आया है। प्राथमिकी में बताया गया है कि यह मोबाइल टावर बीते कुछ वर्षों से बंद था।

स्थानीय लोगों और संबंधित भूस्वामी के दावों पर यकीन करें, तो यह मोबाइल टावर संभवत: वर्ष 2017 के आसपास से बंद पड़ा था। इससे पहले पहले इस टावर से एयरसेल नाम की कंपनी का नेटवर्क संचालित होता था।

उस कंपनी के बंद होने के बाद यह टावर भी बंद हो गया और इसके बाद इसकी देखरेख करने वाली कंपनी ने भी इसकी चिंता छोड़ दी।

करीब नौ साल के बाद कंपनी के अधिकारी दोबारा इस टावर को चालू करने आए, तो देखा कि वहां से सारे उपकरण गायब हो चुके हैं। कंपनी के प्रतिनिधि ने डुमरांव थाने में करायी गयी प्राथमिकी में अज्ञात लोगों को इसके लिए आरोपित बनाया है।

इस मोबाइल टावर का स्वामित्व जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नाम की एक कंपनी के पास था। यह कंपनी खुद कोई मोबाइल नेटवर्क सर्विस नहीं बेचती।

इसके बजाय, यह अपने एक ही टावर को कई अलग-अलग टेलीकाम कंपनियों को किराए पर देती है, ताकि वे वहां अपने एंटीना और इलेक्ट्रानिक उपकरण लगा सकें।

टावर और पूरा सेटअप गायब

इसे दोबारा चालू करने के लिए बीते दो जून को कंपनी की टीम मौके पर पहुंची, तो पाया कि वहां से मोबाइल टावर और उसका पूरा सेटअप गायब है। इसमें मोबाइल टावर के अलावा 15 केवीए का डीजल जेनरेटर और अन्य सहायक उपकरण शामिल हैं।

इन चीजों को वहां से किसने और कब हटाया, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी अब तक सामने नहीं आयी है। इधर पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।

इधर हरेनाथ यादव नाम के जिस व्यक्ति की निजी जमीन पर यह मोबाइल टावर स्थापित किया गया था, उसने इंटरनेट पर वीडियो बयान जारी कर बताया है कि मोबाइल टावर लगाने के लिए उनका वर्ष 2010 में संबंधित कंपनी से करार हुआ था, जिसकी वैधता वर्ष 2022 तक थी।

लेकिन कंपनी ने 2017 के बाद मोबाइल टावर के लिए जमीन का किराया देना बंद कर दिया। उनका दावा है कि उन्होंने इसके लिए कई बार कंपनी से संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

टावर चुराया या हटाया?

हालांकि टावर और सामान किसने चुराया या हटाया, इसके बारे में भूस्वामी की ओर से कोई जानकारी पुलिस को अन्य किसी माध्यम से सार्वजनिक नहीं की गयी है। पुलिस उनकी और टावर कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि मुहल्ले के संकीर्ण रास्ते में स्थित इतनी बड़ी संरचना और भारी उपकरणों का गायब होना योजनाबद्ध तरीके से चोरी का मामला लग रहा है।

उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। इस दौरान कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही इस मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा।

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