उत्तर बिहार और मुजफ्फरपुर समेत आसपास के इलाकों में लोगों को सावन के महीने में जेठ जैसी झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को सुबह से ही निकली तीखी और कड़क धूप के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। स्कूली बच्चों और काम पर निकले राहगीरों को दिनभर पसीने से तर-बतर होना पड़ा।
उच्च दबाव से उमस
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार क्षेत्र में बने ‘उच्च दबाव’ (High Pressure System) के प्रभाव के कारण बादल बनने के बावजूद वर्षा नहीं हो पा रही थी। तीखी धूप और भारी उमस के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा था।
सामान्य से अधिक पारा
मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग चार डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। हालांकि, गुरुवार की देर शाम हुई अचानक बारिश ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत पहुंचाई है।
आगे बारिश का पूर्वानुमान
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वरीय मौसम विज्ञानी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि आने वाले दिनों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय होगा। दो दिनों के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होने और तापमान में गिरावट आने की प्रबल संभावना है। बारिश के बाद किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।











