बिहार के एकमात्र टाइगर रिजर्व वाले क्षेत्र वाल्मीकिनगर के बहुप्रतीक्षित हवाई अड्डे के विस्तार की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
वर्षों से लंबित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है।
एयरपोर्ट के विस्तार और नए वर्ल्ड-क्लास टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए प्रभावित किसानों एवं भूमि स्वामियों से सहमति पत्र भरवाने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे इस प्रोजेक्ट को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
18 में से 15 रैयतों ने दी सहमति
अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) चांदनी कुमारी ने बताया कि वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे के दक्षिणी भाग में नया टर्मिनल भवन और रनवे का विस्तार प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए कुल 18 रैयतों (भूमि स्वामियों) की जमीन को चिन्हित किया गया है।
बिहार सरकार की रैयत अनुकूल भूमि क्रय नीति के तहत 11 जुलाई से 13 जुलाई तक एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
इस शिविर में अब तक 18 में से 15 रैयतों ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए अपनी भूमि देने पर एडवांस सहमति दे दी है।
प्रशासन बाकी बचे तीन रैयतों से भी निर्धारित समय सीमा के भीतर सहमति प्राप्त करने के लिए लगातार बातचीत कर रहा है।
विवाद मुक्त जमीन पर फोकस
जमीन अधिग्रहण की इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार एवं उप समाहर्ता अली अहमद अंसारी खुद कैंप की निगरानी कर रहे हैं।
सहमति पत्र में भू-स्वामी का नाम, खाता, खेसरा, रकबा और चौहद्दी जैसी सभी जानकारियां बारीकी से दर्ज की जा रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रजिस्ट्री और भुगतान से पहले यह कड़ाई से सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन पूरी तरह से किसी भी कोर्ट कचहरी के विवाद से मुक्त हो ताकि भविष्य में निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। शिविर में बगहा-2 के अंचलाधिकारी मोहम्मद वसीम अकरम सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कनेक्टिविटी को किया जाएगा मजबूत
वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे के इस कायाकल्प प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ हवाई पट्टी ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुगमता के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
नए टर्मिनल भवन तक वीआईपी और सामान्य यात्रियों की आवाजाही को जाम-मुक्त और सुगम बनाने के लिए 20 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क (Approach Road) बनाने का खाका तैयार हुआ है। इस चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए अलग से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन और रोजगार को लगेंगे पंख
स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों में इस खबर के बाद से भारी उत्साह है। वाल्मीकिनगर के स्थानीय लोगों का मानना है कि हवाई अड्डे का विस्तार होने से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए सीधे हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाएगी।
इससे न सिर्फ उत्तर बिहार के पर्यटन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, नए निवेश, होटल इंडस्ट्री और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।











