सिवान पटाखा कांड: 3 दिन बाद अमरुद्दीन की पत्नी-बहू और पोती गोपालगंज में मिलीं, घर पर चलेगा बुलडोजर

सिवान के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में पटाखा बनाने के दौरान हुए 23 अक्टूबर की संध्या भीषण विस्फोट के बाद पांच लोगों की मौत के बाद लापता अमरुद्दीन की पत्नी, पोती व बहू को पुलिस ने गोपालगंज से बरामद कर लिया।

हालांकि, अमीरुद्दीन की पोती मुस्कान सिद्दीकी अब भी लापता है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। हादसे में बचीं बहू साबरीन खातून ने आपबीती में बताया कि विस्फोट के समय वह अपनी सास और बेटी के साथ घर के पीछे बाउंड्री के अंदर थीं। उनकी सास चारपाई पर बैठी थीं, जबकि बेटी बर्तन धो रही थी।

इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ और मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। वह किसी तरह बेटी और सास को लेकर बाहर निकलीं। उनकी सास घायल हो गई थीं। इसके बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचीं।

ठीक होने पर वह अपनी बेटी और सास के साथ बस से गोपालगंज स्थित रिश्तेदार के घर चली गईं। रिश्तेदार से सूचना मिलने के बाद सिवान पुलिस वहां पहुंची और घटना की जानकारी ली।

उसने बताया कि परिवार में पांच बेटियां हैं। मुस्कान की शादी की तैयारी चल रही थी, लेकिन हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।

42 वर्षों से बना रहे थे पटाखे

अमरुद्दीन की पत्नी जहरीना खातून के अनुसार, परिवार में करीब 42 वर्षों से पटाखा बनाने का काम हो रहा था। कई बार इस कारोबार को बंद करने के लिए कहा गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

साबरीन ने बताया कि उनके चचेरे ससुर अजमुद्दीन मियां कोलकाता से पटाखा बनाने का काम सीखकर आए थे। बाद में परिवार के अन्य लोगों ने भी यह काम सीखा।

उन्होंने पति की हत्या और बेटे की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार पहले ही कई दुख झेल चुका था। अब इस विस्फोट ने सबकुछ छीन लिया है।

पटाखा सामग्री के स्रोत की होगी जांच

पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि सोमवार को विस्फोट से जर्जर हुए मकान को बुलडोजर से ध्वस्त करने के बाद सर्च अभियान चलाया जाएगा। पुलिस पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के स्रोत का पता लगाने में भी जुटी है।

इसके लिए विशेष टीम गठित की गई है। सामग्री कहां से खरीदी जाती थी और इसकी आपूर्ति में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच की जा रही है।

भलुआरा में विस्फोट के बाद ग्रामीणों का हंगामा

आलमपुर से बरामद बम-पटाखों को जीबी नगर थाना क्षेत्र के भलुआरा गांव के पास निष्क्रिय करने के दौरान शनिवार की रात जोरदार विस्फोट हो गया। इससे आसपास के घरों के शीशे टूटने और धुएं से सांस लेने में परेशानी की शिकायत सामने आईं।

नाराज ग्रामीणों ने पुलिस और अग्निशमन दल को घेर लिया। अधिकारियों के समझाने तथा क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई।

इस मामले में पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 30-40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी की गई है।

शहर में दो गोदाम और एक पटाखा दुकान सील

आलमपुर हादसे के बाद प्रशासन ने पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के निर्देश पर गठित टीम ने रविवार को शहर में दो गोदामों और एक पटाखा दुकान को सील कर दिया।

टीम में एडीएम प्रमोद कुमार, सदर डीसीएलआर नलिनी कुमारी, कार्यपालक दंडाधिकारी रविंद्र कुमार और नगर थाना की पुलिस शामिल थी।

कार्रवाई के दौरान एक प्रतिष्ठित दुकान पर पहले दिन कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन पटाखा कारोबार में सुरक्षा मानकों और भंडारण संबंधी नियमों की जांच कर रहा है।

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