मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लिए शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर 81 हजार से अधिक छात्राओं का डाटा अपलोड कर दिया गया है। छात्राओं का डाटा शिक्षा विभाग के मेधा साफ्ट पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
हालांकि, इस प्रक्रिया के बीच एक बड़ी तकनीकी समस्या सामने आई है। विश्वविद्यालय के रिकार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बंद या बदल जाने के कारण सैकड़ों योग्य छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड होने से रुक गया है। इसे देखते हुए परीक्षा विभाग ने प्रभावित छात्राओं से सीधे आवेदन लेकर डाटा सुधारने की विशेष प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बता दें कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय अंतर्गत दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के कालेजों से स्नातक पास छात्राओं का डाटा वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य था। लेकिन पिछले माह कुछ दिनों के लिए वेबसाइट ठप रहने से हजारों छात्राओं का डाटा अपलोड नहीं हो सका था।
जिसे अब अपलोड कर दिया गया है। डाटा अपलोड करने का कार्य विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की ओर से किया गया जा रहा है। दिसंबर- 2025 तक स्नातक की परीक्षा पास हुई छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश विश्वविद्यालयों को दिया गया था।
स्नातक पाठ्यक्रम सत्र 2022-25 की 73,386 छात्राओं का डाटा अबतक अपलोड कर दिया गया है। इसके अलावा सत्र 2021-24 तक की 7,560 पूर्ववर्ती छात्राओं का डाटा भी अपलोड किया गया है।
हालांकि अब भी सैकड़ों छात्राओं ने पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं होने को लेकर आवेदन दिया है। इसमें अधिकांश छात्राओं का डाटा मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नाम में गड़बड़ी के कारण डाटा अपलोड नहीं होने की बात कही जा रही है।
बता दें कि राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों सहित ललित नारायण मिथिला और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि जल्द मिलनी है।
इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने दिसंबर- 2025 तक स्नातक की परीक्षा पास हुई छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश विश्वविद्यालयों को दिया था।
स्नातक पास छात्राओं को 50-50 हजार रुपये देने का प्रविधान
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना में स्नातक पास छात्राओं को 50-50 हजार रुपये देने का प्रविधान है। उच्च शिक्षा निदेशक ने संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं परीक्षा नियंत्रकों को निर्देश जारी कर कहा था कि स्नातक पास छात्राओं का डेटा अवश्य अपलोड करेंगे।
साथ ही पूर्व में छुटे हुए प्रकाशित परीक्षाफल एवं सरकार से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम भी पोर्टल पर जोड़ने का निर्देश दिया गया था। मिथिला विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने इस बाबत स्नातक तृतीय खंड वर्ष 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में उत्तीर्ण हुए सभी छात्राओं को कन्या उत्थान योजना के तहत डाटा अपलोड कराने के लिए विश्वविद्यालय आने की आवश्यकता नहीं बताई थी। उनका नाम पोर्टल पर विश्वविद्यालय द्वारा अपलोड करने की बात कही गई थी। इसी आधार पर पात्र छात्राओं का डाटा अपलोड कर दिया गया है।
फंड के अभाव में हजारों छात्राओं का अबतक नहीं हुआ भुगतान
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की हजारों स्नातक पास छात्राओं के आवेदन विश्वविद्यालय स्तर पर अनुमोदित होने के बाद भी शिक्षा विभाग से राशि नहीं भेजी गई है।
पिछले स्नातक सत्र 2020-23 सहित अन्य सत्रों की छात्राओं ने निर्धारित समय पर पोर्टल पर लाभ के लिए आवेदन किया था। लेकिन इनमें से हजारों से अधिक छात्राओं का आवेदन विश्वविद्यालय स्तर पर अनुमोदित हो चुका है। लेकिन पोर्टल पर अबतक फंड के प्रत्याशा में राशि अटकी हुई है।
अब भी पूर्ववर्ती छात्राएं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ लेने के लिए छात्राओं को बेगूसराय, समस्तीपुर और मधुबनी से विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है।











