गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला इस वर्ष 25 सितंबर से शुरू होकर दस अक्टूबर तक चलेगा। इसमें आने वाले श्रद्धालुओं के आवासन के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से 2500 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी और अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्पलाइन का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसपर सभी जरूरी सूचनाएं मिलेंगी। इसके साथ फल्गु नदी के तट पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा। सभी जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा का संचालन भी किया जाएगा।
पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने मंगलवार को पितृपक्ष मेले की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों को इससे जुड़ा दिशा-निर्देश दिया है। यह सारे काम ससमय पूरा करने का टास्क दिया गया है।
सचिव ने बताया कि पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पर्यटक सूचना केंद्र के साथ गाइड की भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी। प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर तोरण द्वार और पितृपक्ष की सभी जानकारी वाला ब्रॉशर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा पैकेज तथा ई-पिंडदान की व्यवस्था भी की जा रही है।
120 करोड़ से बन रही एक हजार बेड की धर्मशाला:
सचिव ने बताया कि काशी विश्वनाथ कारिडोर की तर्ज पर विष्णुपद मंदिर के चारों ओर विश्वस्तरीय कारिडोर के निर्माण का प्रस्ताव है। पर्यटकों की सुविधा के लिए 120 करोड़ की राशि से एक हजार बेड वाली आधुनिक गयाजी धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है।
इस धर्मशाला के निर्माण से पितृपक्ष मेला तथा वर्षभर गया जी आने वाले श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना में गया जिले के विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर और गुरपा पहाड़ी को शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।











