समस्तीपुर में नाना को मुखाग्नि देकर लौट रहे थे घर, रास्ते में चाचा-भतीजे की एक साथ मौत

एक घर में नाना के निधन का गम था। परिवार के लोग अंतिम विदाई देकर लौट रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही एक और दुखद खबर उनका इंतजार कर रही है।

नाना के दाह संस्कार में शामिल होकर बाइक से लौट रहे चाचा-भतीजे की सड़क हादसे में एक साथ मौत हो गई। बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र में झमटिया चिमनी के समीप राष्ट्रीय उच्च पथ पर एक बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना से समस्तीपुर के वैनी ओपी क्षेत्र स्थित उनके गांव बिशनपुर दिगंबर मोहम्मदपुर में मातम पसरा है।

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नाना के अंतिम संस्कार से लौट रहे थे दोनों

मृतकों की पहचान वैनी ओपी क्षेत्र के वार्ड एक, बिशनपुर दिगंबर मोहम्मदपुर निवासी कुंदन कुमार सिंह के 23 वर्षीय पुत्र अंशु कुमार और गोपाल सिंह के 24 वर्षीय पुत्र गुलशन कुमार के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा थे।

अंशु के पिता कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम अंशु बाढ़ के करजान गांव में अपने नाना के दाह संस्कार में शामिल होने गया था। वहां से वह गांव के ही अपने चाचा गुलशन के साथ बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान मोहनिया ढाला के समीप राष्ट्रीय उच्च पथ पर बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

एक दुकान चलाता था, दूसरा था स्नातक का छात्र

हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। अंशु मोतिहारी में पिज्जा-बर्गर की दुकान चलाता था। इसी से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वहीं, गुलशन स्नातक का छात्र था। दोनों की उम्र अभी जिंदगी के सपने संजोने की थी। एक परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था तो दूसरा अपनी पढ़ाई पूरी कर भविष्य बनाने में जुटा था।

दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। जिन घरों में कुछ समय पहले तक सामान्य दिनचर्या थी, वहां अब अपनों को खोने का गम है। चाचा-भतीजे की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों के लिए भी इस दुखद घटना पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है।

स्वजन से मिलकर जताई संवेदना

घटना की जानकारी मिलने पर जनसुराज के क्षेत्रीय प्रभारी संजय कुमार सिंह मृतकों के स्वजन से मिले। उन्होंने दोनों परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में स्वजन को ढांढ़स बंधाया।

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