सोनपुर प्लानिंग एरिया विस्तार के बाद अब इसकी चारों दिशाओं की चौहद्दी भी स्पष्ट हो गई है। इसके दायरे में सात प्रखंडों के 575 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं।
इनमें मकेर, परसा, दरियापुर, गड़खा, अमनौर, सोनपुर और दिघवारा प्रखंड के गांव आते हैं। सोनपुर नगर परिषद और दिघवारा नगर पंचायत के साथ आसपास के शहरी क्षमता वाले ग्रामीण इलाकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
नगर विकास एवं आवास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान बना रही है।
इसमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों के साथ सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की रूपरेखा तय होगी।
विभाग के अनुसार प्लानिंग एरिया के अनुसार उत्तर पूर्वी सीमा मकेर के एकडेरवा मसूरिया और हसनपुरा से शुरू होकर परसा के बलीगांवा और बहलोलपुर दियारा होते हुए दरियापुर के कई गांवों से गुजरेगी।
इसके बाद सोनपुर प्रखंड के अकिलपुर, शिकारपुर, सेमारा और बैजलपुर के गांवों को समेटते हुए नगर परिषद सोनपुर तक पहुंचेगी।
इसी प्रकार पश्चिम-दक्षिणी सीमा गड़खा के मुरौदपुर और भुईगांव से शुरू होकर दरियापुर के सिसौनी, महेसिया और हरिहरपुर होते हुए अमनौर के नवादा, जोगिनी, रेपुरा, डुमरिया और गेयासपुर तक जाएगी।
उत्तर-पश्चिमी सीमा अमनौर के झकरा, अमनौर अगुआन, अमनौर हरनारायण और परसरामपुर से होते हुए मकेर के नौरकरहा, हाजरपुर, बैकुंठपुर और कस्बा मकेर तक फैलेगी।
जबकि दक्षिण-पूर्वी सीमा सोनपुर के सबलपुर, पहलेजा, करमचक और लोदीपुर से शुरू होकर दिघवारा के दुधिया, बभनगांवा, पकौलिया, आमी और गोराईपुर होते हुए झौआ गांव तक पहुंचेगी।
सरकार का दावा है कि इस निर्णय से 575 गांवों की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी। साथ ही बढ़ती आबादी को अपने अनुरूप यहां आशियाना बनाना भी आसान होगा।










