बेतिया के कालीबाग थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने अचानक छापेमारी की।
दो थानों की पुलिस और क्यूआरटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में चार महिलाओं समेत सात लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने और हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है।
सूचना मिलते ही हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि कालीबाग थाना क्षेत्र के एक मकान में लड़कियों को रखकर देह व्यापार कराई जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कालीबाग, नगर थाना, मनुआपुल थाना और क्यूआरटी टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।
सात लोग हिरासत में
छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार महिलाओं और दो युवकों को मौके से हिरासत में लिया। मकान मालिक को भी पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। सभी से अलग-अलग पूछताछ कर मामले की सच्चाई जानने का प्रयास किया जा रहा है।
नाबालिग होने की आशंका
सदर वन एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि हिरासत में ली गई महिलाओं में से एक प्रथम दृष्टया नाबालिग प्रतीत हो रही है। उसकी वास्तविक उम्र का सत्यापन कराया जा रहा है। यदि वह नाबालिग पाई जाती है तो मामले में संबंधित धाराएं और बढ़ सकती हैं।
स्थानीय और बाहरी कनेक्शन की जांच
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि हिरासत में ली गई तीन महिलाएं जिले की ही रहने वाली हैं, जबकि एक महिला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की बताई जा रही है। पुलिस उसके पते और पहचान का भी सत्यापन कर रही है। वहीं, हिरासत में लिए गए दोनों युवक स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं।
पूछताछ के बाद होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका, मकान के इस्तेमाल और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले का पूरा सच सामने आ सकेगा।











