भोजपुर जिले के शाहपुर थाना के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण की न्यायिक जांच लगातार जारी है।
इधर, न्यायिक जांच आयोग ने मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) जांच रिपोर्ट और केस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में न्यायिक जांच आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने भोजपुर के डीएम एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।
आयोग ने लंबित जांच के लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की ओर से दर्ज संबंधित कांडों की प्रमाणित केस, डायरी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल को भेजे गए हथियार एवं मृतक के विसरा जांच से संबंधित प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
आयोग ने यह भी कहा है कि यदि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वीडियोग्राफी अथवा अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हों तो उनकी प्रतियां भी आयोग को उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आयोग की जांच के दौरान मांगे गए सभी अभिलेख समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
पीड़ित पक्ष से हो चुकी है नौ गवाही
पहले चरण में 11 जुलाई से न्यायिक जांच आयोग के समक्ष गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई है। 15 जुलाई तक पीड़ित पक्ष की ओर से भरत की मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी, भाई चंदन तिवारी और भाभी सुमन देवी समेत नौ लोगों की गवाही पूरी हो चुकी है।
पुलिस प्रशासन की ओर से जगदीशपुर एसडीओ एवं तत्कालीन डीएसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत नौ की गवाही हो चुकी है। पीड़ित पक्ष के शेष गवाहों के बयान दूसरे चरण में दर्ज किए जाएंगे।











