बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए दाखिल हलफनामे ने जदयू प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्री बेटे निशांत कुमार को लेकर एक बड़ा खुलासा कर दिया है।
अब तक उन्हें इंजीनियर माना जाता रहा, लेकिन चुनावी दस्तावेजों से साफ हो गया कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी ही नहीं की थी।
2001 तक रहे बीआईटी मेसरा में
हलफनामे के अनुसार निशांत कुमार ने 1998 में पटना साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT Mesra) में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कंप्यूटर साइंस) में दाखिला लिया।
हालांकि, 8 सेमेस्टर के कोर्स में वे केवल 5 सेमेस्टर तक ही पढ़ाई कर सके और वर्ष 2001 में उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई।
यानी लंबे समय से उन्हें “इंजीनियर” बताने की जो धारणा बनी हुई थी, वह अब गलत साबित हुई है। चुनावी हलफनामे में उनकी शैक्षणिक योग्यता ने इस भ्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया।
नगद कम, बैंकों में करोड़ों
संपत्ति के मामले में भी निशांत कुमार का हलफनामा चर्चा में है। हाथ में उनके पास सिर्फ 17,409 रुपये नकद हैं, लेकिन बैंक जमा और निवेश के जरिए उन्होंने करोड़ों की संपत्ति बना रखी है।
एसबीआई बोरिंग रोड शाखा में उनके नाम 72.22 लाख रुपये की एफडी है, जबकि एसबीआई सचिवालय शाखा में 48.87 लाख रुपये का पीपीएफ जमा है।
इसके अलावा म्यूचुअल फंड में 11 लाख रुपये से अधिक और डाकघर में 34.35 लाख रुपये का एनएससी निवेश भी उनके नाम है।
दो कारों के स्वामी हैं निशांत
वाहनों की बात करें तो निशांत कुमार के पास दो कारें हैं। इनमें एक 2016 मॉडल की हुंडई ग्रैंड आई-10 और दूसरी 2026 मॉडल की किया सेल्टॉस शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि उनके पास किसी प्रकार की ज्वेलरी नहीं है।
अचल संपत्ति में उनके नाम पैतृक गांव में कृषि भूमि दर्ज है। इसके अलावा पटना के शेखपुरा स्थित शिव राधिका कॉम्प्लेक्स में एक फ्लैट और कंकड़बाग स्थित पीसी हाउसिंग सोसायटी में जमीन भी उनके नाम है।
निशांत कुमार का यह हलफनामा अब बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है, खासकर उनकी अधूरी इंजीनियरिंग पढ़ाई को लेकर।











