यूपी के इस जिले की डिफेंस कॉरिडोर और लिंक एक्सप्रेसवे ने बदल दी तस्वीर, अब युवाओं को रोजगार के खूब मिल रहे मौके

उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट अब सिर्फ अपनी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक विकास के एक नए मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है. प्रदेश की सरकार ने चित्रकूट के विकास के लिए कई स्तरों पर महत्वपूर्ण काम किए हैं. यहां अच्छी सड़कें, पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, कृषि, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हुआ हैं. इसके साथ ही यहां इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत नीव रखी गई है, जिससे युवाओं को भरपूर रोजगार मिला रहा है. चित्रकूट अब उत्तर प्रदेश की बढ़ती प्रगति का एक अहम हिस्सा बन चुका है.

धार्मिक स्थलों का हो रहा सौंदर्यीकरण

चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद के बनने से रामघाट, दशरथ घाट और राजापुर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को बहुत सुंदर बनाया जा रहा है. श्रद्धालुओं के लिए राम पद चिन्ह की थीम पर रास्ते बनाए जा रहे हैं. इसके साथ ही ‘राम वन गमन पथ’ के जरिए चित्रकूट को अयोध्या और देश के अन्य बड़े धार्मिक स्थलों से सीधा जोड़ा जा रहा है.

इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को मिली गति

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और तेजी से बन रहे चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे ने प्रदेश के बड़े शहरों से इसकी दूरी काफी कम कर दी है. यहां का अत्याधुनिक टेबल टॉप एयरपोर्ट इसे सीधे उड़ान सेवा से जोड़ रहा है. इसके अलावा बुंदेलखंड डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए चित्रकूट रक्षा उत्पादन का एक बड़ा केंद्र बन रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के ढेरों नए मौके मिल रहे हैं.

सोलर एनर्जी और खिलौनों को पहचान

चित्रकूट अब स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है. यहां 800 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क और बरगढ़ जैसे सोलर गांव इसे बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना रहे हैं. इसके अलावा ओडीओपी (ODOP) योजना के तहत चित्रकूट के मशहूर लकड़ी के खिलौनों को देश और दुनिया के बाजारों में एक नई पहचान मिल रही है.

नीति आयोग रैंकिंग में शानदार मुकाम

विकास की इसी तेज रफ्तार का नतीजा है कि नीति आयोग की मार्च 2026 डेल्टा रैंकिंग में चित्रकूट को पूरे देश में दूसरा और उत्तर प्रदेश में पहला स्थान मिला है. शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है. स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के लिए जिला प्रशासन को प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

इको टूरिज्म और रोपवे की सुविधा

पर्यावरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रानीपुर टाइगर रिजर्व को पन्ना टाइगर रिजर्व से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे इको टूरिज्म के नए रास्ते खुले हैं. वहीं, हनुमान धारा में नई रोपवे सुविधा शुरू हो गई है. इससे अब बुजुर्गों, दिव्यांगों और आम श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ पर दर्शन करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो गया है.

किसानों और ग्रामीणों को मिला लाभ

ग्रामीण विकास के मामले में भी जिले ने अच्छी तरक्की की है. चित्रकूट के 1,17,800 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का सीधा लाभ मिल रहा है. सिंचाई और बाढ़ से जुड़ी 10 परियोजनाएं पूरी होने से किसानों की आजीविका मजबूत हुई है. साथ ही ‘हर घर जल योजना’ के तहत 1,29,000 से ज्यादा घरों में पाइपलाइन से साफ पीने का पानी पहुंचाया गया है.

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