बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री का नया सिस्टम लागू, अब रजिस्ट्री से पहले CO या RO की रिपोर्ट जरूरी

जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर शनिवार से नई व्यवस्था की शुरू हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य कई मंत्री ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत कर दी है।

इसके साथ ही अब जमीन के निबंधन से पहले खरीदार को संबंधित अंचल के अंचलाधिकारी या राजस्व अधिकारी से भूमि के बारे में रिपोर्ट मिल जाएगी। इसमें जमीन पर किसी तरह के विवाद या उलझन की जानकारी मिल जाएगी।

इस व्यवस्था में सीओ और राजस्व कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए उप निबंधन महानिरीक्षक डॉ. संजय कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप निदेशक को पत्र लिखा है।

इसमें सीओ और राजस्व अधिकारी से जमीन के आए आवेदन का समय से निष्पादन सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।

उप निबंधन महानिरीक्षक ने कहा है कि दस्तावेज निबंधन पूर्व अंतरित की जाने वाली भूमि के संबंध में पक्षकार को संबंधित भूमि के बारे में आधिकारिक रूप से अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।

10 दिन के अंदर सौंपनी होगी रिपोर्ट

पक्षकार द्वारा प्रविष्ट की गई संपूर्ण जानकारी के आधार पर संबंधित अंचल अधिकारी या राजस्व अधिकारी को आवेदन प्राप्ति से 10 दिनों के अंदर भूमि के बारे में अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराया जाना है।

वर्तमान में निबंधन का कार्य ई-निबंधन साफ्टवेयर से किया जा रहा है। आवेदक को सूचना उपलब्ध कराने के लिए सभी अंचल अधिकारी व राजस्व अधिकारी को प्रशिक्षण प्रदान दिया गया है। सभी को यूजर आइडी एवं पासवर्ड भी उपलब्ध कराया गया है।

अनुरोध है कि दस्तावेज निबंधन पूर्व बिक्री की जाने वाली भूमि के संबंध में आवेदक द्वारा प्रविष्ट की गई संपूर्ण जानकारी के आधार पर संबंधित अंचल अधिकारी या राजस्व अधिकारी द्वारा भूमि की अद्यतन जानकारी के लिए प्राप्त आवेदन को ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया जाए।

सीओ मौनी बहन ने बताया कि नई व्यवस्था से लोगों को विवाद रहित जमीन खरीदने में मदद मिलेगी। उन्हें जमीन के बारे में पता लगाने के लिए कार्यालय में नहीं भटकना पड़ेगा।

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