पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की सुरक्षा में कटौती को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है।
इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। मंगलवार को दिल्ली से पटना लौटे लालू प्रसाद के साथ उनकी बेटी और सांसद मीसा भारती तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे।
पटना एयरपोर्ट पर पहुंचते ही तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी सरकार पर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने जहां राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर घेरा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी के पास बिहार को आगे ले जाने का कोई विजन या रोडमैप नहीं है। सरकार इधर-उधर की बातों में जनता का ध्यान भटकाना चाहती है।
पटना एयरपोर्ट पर मीसा भारती ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा और nda सरकार ने अच्छी शुरुआत की है कि कल हमें जनता का जनादेश मिलेगा तो क्या करना है
बिहार की जनता ही असली सुरक्षा
वहीं मीसा भारती ने सुरक्षा कटौती को लेकर सरकार पर तीखा तंज कसा। मीसा भारती ने कहा कि राजद के कार्यकर्ता और बिहार की जनता ही लालू जी की असली सुरक्षा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार शायद अपराधियों को सुरक्षा देने में कमी हो रही थी इसलिए दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा वापस लेने का फैसला कर दिया गया।
प्रखंड मुख्यालयों पर राजद का धरना
इधर, राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर राजद कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे रहे। शिफ्ट के मुताबिक कार्यकर्ता यहां बैठ रहे हैं।
वहीं राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंड मुख्यालयों पर भी राजद कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। महंगा, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों को लेकर धरना दिया।
सुरक्षा कटौती का यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है और आने वाले दिनों में इसे लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।











