राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बंगला विवाद को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पार्टी प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को प्रेसवार्ता में सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कह रहे हैं की सामाजिक जीवन में मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए।
लेकिन आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जो पहले हम लोगो के साथ रहे वो क्या कर रहे है। एक अणे मार्ग उनको छोटा लगा जबकि इसमें कई पूर्व के मुख्यमंत्री रहे है लेकिन मुख्यमंत्री को शायद लगता होगा की ये लोग छोटे लोग थे।
सम्राट चौधरी का बंगला 15 एकड़ से भी बड़ा
वर्तमान मुख्यमंत्री बहुत बड़े सोच विजन वाले है। इसलिए मकान को बड़ा करवा लिए जबकि प्रधानमंत्री देश में कटौती करने की बात कह रहे है फिर भी ऐसा किया जा रहा है।
हमारे मुख्यमंत्री का बंगला प्रधानमंत्री के बंगले से भी बड़ा हो गया है, क्योंकि उप मुख्यमंत्री के आवास को वो मुख्यमंत्री के बंगले में मिला लिए है।
अब यह बंगला लगभग पंद्रह एकड़ से भी बड़ा कर लिया है। सम्राट चौधरी ने लोकतंत्र को तिलांजलि दे दी है। देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में जो बहुमत वाला दल होता है वो सरकार चलता है और विपक्ष का दायित्व होता है सरकार की कमियों को उजागर करना। सत्ता में कुछ लोग विपक्ष से उम्मीद करते है की वो सत्ता पक्ष के हां में हां मिलाए।
सरकार के द्वारा गलती होने पर कान उमेठना विपक्ष का काम है। कान ऐठना का मतलब कान खिंचना नहीं मतलब गलती को उजागर करना है।
विपक्ष को टारगेट कर रहा सत्ता पक्ष
लेकिन सत्ताधारी पार्टी विपक्ष को टारगेट करके विपक्ष को रोकना चाहती है। पहले विपक्ष के नेता विरोधी दल का जो कदर होती थी आज उसको दुहराना भी गलत होगा क्योंकि वो मान सम्मान नहीं है।
लोग कर्पूरी जी का नाम लेते है लेकिन उनके राह पर नहीं चलते। बिहार कर्ज से दबा हुआ राज्य है। कैसे उससे उबरे उसपर काम और ध्यान देने के बजाए विपक्ष को परेशान करने और विपक्ष के अधिकार से वंचित करना यही कर रही है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में अच्छा नहीं है।
आज मकान खाली करा देना। मकान छीन लेना यही हो रहा है। जब सरकार का मुखिया ईर्षा द्वेष की राजनीत करे तो मान लीजिए जो लोग उनको आइना दिखाने वाले लोग है वो उनके प्रति क्या सोच रखेंगे क्या करेंगे।
अब मुख्यमंत्री के आवास का नाम लोक सेवक आवास कर दिया गया है, लेकिन आप लोगो के बीच क्या संदेश दे रहे हैं।
नितिन नवीन को किस हैसियत से तीन टेलर रोड का आवास आवंटित है। आपने तो ईश्वर के नाम से शपथ लिए थे लेकिन कर क्या रहे है।
सत्ता किसी की बपौती नहीं
हमको तो लगता है की दस सर्कुलर रोड के मकान को पहले मंत्री और बाद में इसको भी मुख्यमंत्री आवास में मिला लेंगे सम्राट चौधरी।
सत्ता किसी की बपौती नहीं है। सत्ता आती है और जाती है। सत्ता में बेहतर जो काम किए गए होते हुए वही जनता याद रखती है।
ये लोग तो पिद्दी है बड़े लोग जो स्वर्गीय हो गए है जिनके नेतृत्व में हम लोग आंदोलन किए है। आज उनके आदर है उनके द्वारा बताया गए मार्ग पर चलकर आंदोलन किया जाएगा।
ये सोच रहे है की लालू, तेजस्वी, राबड़ी को हम टारगेट करेंगे तो हम लोग सत्ता में बने रहेंगे यही थोड़ी भूल हम लोगो से भी हुई है।
प्रेस वार्ता को राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल एवं एससी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम एवं अन्य नेता भी उपस्थिति थे।











