प्रदर्शन के चलते बुधवार को शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। सुबह 12 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक प्रमुख मार्गों पर पहिए थमे रहे, जिससे आम लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के प्रभाव से डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, स्टेशन रोड, एग्जिबिशन रोड और एसपी वर्मा रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों के कारण नेहरू पथ, बोरिंग रोड, अशोक राजपथ और बारी पथ जैसे व्यस्त इलाकों में भी स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
देखते ही देखते शहर के मध्य हिस्से का संपर्क बाकी इलाकों से कट गया। इस पांच घंटे लंबे जाम में न केवल आम नागरिक और एंबुलेंस फंसे रहे, बल्कि कई मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां भी घंटों रेंगती नजर आईं।
रूट डायवर्जन से मिली थोड़ी राहत
यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाला। भारी भीड़ को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों पर यातायात को तत्काल प्रभाव से डायवर्ट किया गया।
ट्रैफिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैकल्पिक रास्तों से वाहनों को निकालने के प्रयासों के बाद ही शाम ढलते-ढलते स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। हालांकि, पांच घंटे तक चले इस गतिरोध ने शहर की ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











