गांधी मैदान से शुरू हुआ राजभवन मार्च दिनभर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बना रहा। छात्रों की रणनीति और अचानक बढ़ते हुजूम के आगे पुलिस प्रशासन बेबस नजर आया।
हुआ यह कि पुलिस जैसे ही प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा रही थी। उसे भीड़ उठाकर अपने साथ ले जा रहे थे। बैरिकेडिंग हटने के बाद प्रदर्शन में शामिल लोग एक साथ आगे की ओर बढ़ रहे थे, जिसे पुलिस रोक नहीं पा रही थी।
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प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़कर पुलिस बल को लगभग छह घंटे तक छकाया। इस दौरान राजधानी का डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, सीएम हाउस और बेली रोड अंडरपास युद्ध के मैदान में तब्दील हो गए।

सुबह करीब 10.30 बजे छात्रों ने गांधी मैदान के गेट नंबर 12 को तोड़ते हुए राजभवन के लिए अपना मार्च शुरू किया। पुलिस ने सबसे पहले 11 बजे जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की।

यहां पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे और बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए।

डाकबंगला चौराहे पर हजारों की संख्या में पहुंचे छात्रों ने करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी की। इसके बाद छात्र सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए राजभवन और सीएम हाउस की दिशा में निकल गए।

मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के समीप पहुंचे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज करते हुए उन्हें खदेड़-खदेड़ कर पीटा। इस दौरान कई छात्र विरोध जताते हुए सड़क पर लेट गए, जिन्हें पुलिस घसीटकर गाड़ियों में लादती दिखी।

पुलिस की इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वे दोबारा संगठित होकर डाकबंगला चौराहे पर जुट गए।
विधायकों की गाड़ियों पर हमला, महिला पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला
प्रदर्शन के उग्र होने के साथ ही डाकबंगला और बेली रोड इलाके में जमकर पथराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पटना आइजी की एस्कार्ट गाड़ी, सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार की गाड़ी और कई थाना पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की।

हमले में भागलपुर से भाजपा विधायक रोहित पांडे की गाड़ी को पलटने का प्रयास किया गया। उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वे घायल हो गए। इसके अलावा भाजपा विधायक विनय बिहारी और पार्टी नेता अजय सिंह की गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए।

पथराव की चपेट में आने से आइजी जितेंद्र राणा, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, एसडीएम कृतिका मिश्रा, टाउन डीएसपी-2 कामाख्या नारायण प्रसाद, और गांधी मैदान थानाध्यक्ष समेत 17 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 20 से अधिक अन्य को चोटें आई हैं। यही नहीं भीड़ में शामिल एक उपद्रवी ने महिला पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला कर दिया, जिसके कारण वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई।
अस्पतालों में भर्ती 37 जख्मी, शाम पांच बजे के बाद स्थिति नियंत्रण में आई
पथराव और लाठीचार्ज में घायल 37 छात्र-छात्राओं को पुलिसकर्मियों ने उपचार के लिए पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एलएनजेपी और गार्डिनर रोड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शाम लगभग पांच बजे पुलिस ने हड़ताली मोड़ और डाकबंगला के पास अंतिम बार लाठीचार्ज कर और आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को पूरी तरह खदेड़ा।

पटना आइजी जितेंद्र राणा के आदेश पर दर्जनों छात्रों को हिरासत में लेकर बसों से थाने भेजा गया है। डाकबंगला चौराहे पर एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात है और तनाव की स्थिति बनी हुई है।











