पटना में सीएए, एनआरसी और कृषि बिल के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने बुधवार को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से भीड़ जमा करने और यातायात बाधित करने के दो अलग-अलग मामलों में उन्होंने एमपी/एमएलए अदालत के विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय के समक्ष सरेंडर कर जमानत की अर्जी दाखिल की।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपित सांसद को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली। सांसद के अधिवक्ता विजय आनंद ने जानकारी दी कि अदालत ने दोनों ही मामलों में पप्पू यादव को दस-दस हजार रुपये के दो मुचलके पर जमानत प्रदान की है।
कोर्ट ने जारी किया था गैर-जमानती वारंट
इससे पूर्व अदालत ने इन मामलों में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। यह पूरा विवाद कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग कांडों से संबद्ध है।
पहला मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 133/20 का है, जिसमें 23 फरवरी 2020 को सीएए, एनआरसी और आरक्षण के विरोध में डाक-बंगला चौराहा जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में यातायात ठप करने का आरोप है।
दूसरा मामला कांड संख्या 390/20 है, जो 25 सितंबर 2020 को कृषि बिल के विरोध में आयकर गोलंबर पर अवैध मजमा लगाने से जुड़ा है।











