दिल्ली-हावड़ा रूट पर बिजली की वजह से नहीं रुकेगी ट्रेन, बक्सर रेल डिपो के 8-व्हीलर टावर वैगन का होगा आधुनिकीकरण

मौसम की खराबी, आंधी-तूफान या किसी तकनीकी खराबी के कारण जब रेल बिजली के तार टूटते हैं, तो उन्हें ठीक करने में अब बेहद कम समय लगेगा, जिससे ट्रेनों का परिचालन लंबे समय तक ठप नहीं रहेगा।

पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल द्वारा बक्सर रेल डिपो में तैनात 8-व्हीलर टावर वैगन के आधुनिकीकरण की कवायद शुरू की है। इसका इस्तेमाल ओएचई (Overhead Equipment) की खराबी दूर करने में होता है।

रेलवे द्वारा टावर वैगन के हाइड्रोलिक लिफ्टिंग और स्विवलिंग प्लेटफॉर्म के लिए चेन्नई की विशेषज्ञ कंपनी के आधुनिक स्पेयर पार्ट्स की खरीद और कमीशनिंग की जा रही है।

इससे रेल पटरियों के ऊपर दौड़ने वाले ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) यानी हाई-टेंशन बिजली के तारों के त्वरित रखरखाव में सुविधा होगी। इसका लाभ नई दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल खंड पर ट्रेनों का परिचालन और अधिक सुगम बनाने के तौर पर मिलेगा।

आम यात्रियों के नजरिए से देखें तो इस तकनीकी सुधार से ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन में सुधार देखने को मिलेगा। वर्तमान समय में बक्सर रूट पर ओएचई में खराबी आने के बाद पारंपरिक या पुराने पड़ रहे टावर वैगनों की सीमित क्षमता के कारण सुधार कार्य में लंबा वक्त लग जाता है, जिससे कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रास्ते में ही खड़ी हो जाती हैं और आम यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।

अब बक्सर डिपो के टावर वैगन संख्या 210081 में नए डायरेक्शन कंट्रोल वाल्व, आधुनिक सील किट और उन्नत हाइड्रोलिक होसेस जैसे कलपुर्जे लग जाने से रेलवे की तकनीकी टीम ऊंचे बिजली के तारों तक तेजी से पहुंच सकेगी और स्विवलिंग प्लेटफार्म की मदद से बिना किसी जोखिम के घूमकर त्वरित मरम्मत कर पाएगी।

इससे रेल दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और रूट पर ब्लाक का समय घटने से यात्री बिना किसी अनावश्यक देरी के अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *